परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमॉर्टम
इस पर लियाकत हुसैन गड्ढे में उतरे तो दोनों मिल गए। उनको निकालकर सीपीआर दिया। प्रतिक्रिया न होने पर बच्चों को सवाई मानसिंह अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। पिता ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया।
बच्चों की मौत से टूटे माता-पिता
बच्चों के मौसा शेरी आरिफ ने बताया कि सात साल पहले लियाकत के पांच दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। उसके बाद हुए दोनों बच्चों को वह बहुत लाड़-प्यार से पाल रहे थे। आलिया एक निजी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी और अयान कक्षा एक में पढ़ता था। दोनों की मौत से परिवार सहित पूरे गांव में मातम पसरा है। शुक्रवार सुबह दोनों बच्चों के शव गांव लाए गए तो सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। रजिया और लियाकत रो-रोकर बेहाल हो गए।