मूल्यांकन में घोटाला किए जाने का खुलासा सबसे पहले एनएचएआई दिल्ली से आई जांच टीम ने अगस्त के पहले सप्ताह में किया था। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने इसकी पुष्टि की। अब कमिश्नर की रिपोर्ट में भी इससे जुड़े तथ्य सामने आए हैं। इसलिए शासन स्तर से विस्तृत जांच के आदेश के साथ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने के आसार हैं। डीएम की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है।
घोटाले पर एक नजर
- 21.52 करोड़ रुपये का अधिक मूल्यांकन किए जाने की पुष्टि सीडीओ की अगुवाई वाली जांच कमेटी ने की।
- 37,83 करोड़ रुपये अधिक भुगतान के मामले एनएचएआई मुख्यालय से आई जांच टीम ने पकड़े।
- 58.91 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी मंडलायुक्त की ओर से गठित कमेटी ने पकड़ी।
बाहर से आए इन खरीदारों ने खरीदी जमीन
- धर्मवीर मित्तल, बिलासपुर, रामपुर।
- सुनील नोसरिया, आनंद विहार, शकरपुर, पूर्वी दिल्ली।
- राजेश कुमार, ऊधमसिंह नगर।
- राम किशोर, ऊधमसिंह नगर।
- रमन फुटेला, ऊधमसिंह नगर।
- मनीषा सिंघल, ऊधमसिंह नगर।
- अंकुर पपनेजा, ऊधमसिंह नगर।
- साधना, सेक्टर-ई, अलीगंज, लखनऊ।
- हिमांशु, सेक्टर-ई, अलीगंज लखनऊ।
- मनीष सिंघल, सेक्टर-137 नोएडा।
- बबिता रानी, ऊधमसिंह नगर।
- सीमा रानी, ऊधमसिंह नगर।
- नवीन खेड़ा, ऊधमसिंह नगर।
- राजकुमारी, ऊधमसिंह नगर।
- कमलजीत कौर, पलिया, लखीमपुर खीरी।
- उमा गंगवार, ऊधमसिंह नगर।
- पीयूष टंडन, ऊधमसिंह नगर।
- रामेश्वर दयाल, सिद्धार्थनगर, बरेली।
- राजन प्रसाद, ऊधमसिंह नगर।