फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीलीभीत मैलानी ब्राडगेज के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पीलीभीत-मैलानी सेक्शन को ब्राडगेज करने की बाधा दूर होती नजर आ रही है। रेलवे ने माला के जंगल में अंडरपास बनाने और इस सेक्शन में बड़ी लाइन बिछाने के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट और स्वीकृत कर दिया। हालांकि पहले रेलवे अंडरपास बनाने को तैयार नहीं था। इस कारण करीब एक साल से काम ठप था। रेलवे अफसरों का कहना है कि जून तक अंडरपास बनाने का काम पूरा होते ही सिटी स्टेशन से लखनऊ तक ट्रेनें चलाई जाएंगी।
विज्ञापन

एनई रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने अब पीलीभीत से मैलानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का काम तेजी से पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। इस सेक्शन में सबसे बड़ी बाधा माला का जंगल है। यहां से अक्सर जंगली जानवर निकलते रहते हैं। मैलानी लखीमपुर से पहले रेलवे ने पीलीभीत से मैलानी लाइन बिछाने की योजना बनाई थी, लेकिन वन विभाग ने अंडरपास बनाने की शर्त रख दी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बड़ी लाइन पर ट्रेनें चलने से जंगली जानवरों के जीवन को संकट पैदा होगा। इसके बाद रेलवे ने इस सेक्शन की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके लिए पहले सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जिसमें लखनऊ से पीलीभीत स्टेशन तक काम होना है। लखनऊ से मैलानी तक काम पूरा हो चुका है। अब मैलानी से पीलीभीत सेक्शन पर काम शुरू होगा। मैलानी से पीलीभीत तक दूरी करीब 74 किलोमीटर है। इसमें कई पुल हैं और सबसे ज्यादा दिक्कत माला के जंगल में लाइन बिछाने की है। रेलवे ने अंडरपास के लिए भी अलग से बजट दिया है। ब्राडगेज लाइन बिछाने का काम जून तक पूरा होना है। इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि पीलीभीत-मैलानी सेक्शन पर अब तेजी से काम कराया जाएगा।
पीलीभीत-बीसलपुर रूट पर स्पीड ट्रायल 11 को
बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल के पीलीभीत-बीसलपुर सेक्शन पर ब्राडगेज का काम पूरा होने के बाद सीआरएस (रेल संरक्षा आयुक्त) 11 फरवरी को दोपहर तीन बजे से स्पीड ट्रायल करेंगे। इससे पहले दस और 11 फरवरी को सीआरएस इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार सिंह के साथ सेक्शन का निरीक्षण करेंगे। पीआरओ राजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि स्पीड ट्रायल के दौरान लोग पटरी पर न जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें