कड़कड़ाती ठंड में लोग ठिठुर रहे थे, लेकिन फूल इतराते दिखे। कोहरे से इनकी ताजगी और बढ़ गई। लोग इन्हें छूकर प्राकृतिक सौंदर्य का अहसास कर रहे थे। जीआरएम में लगी गुलदाउदी प्रदर्शनी में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। स्कूल परिसर में एक से बढ़कर एक गुलदाउदी लगे हुए थे। शनिवार को प्रदर्शनी का पहला दिन था।
17वीं नमोनारायन स्मृति गुलदाउदी प्रदर्शनी का उद्घाटन गुलाबराय ट्रस्ट के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने किया। कई संस्थानों ने गुलदाउदी के गमले भेजे गए। एसआरएमएस की गुलदाउदी जहां अच्छे रखरखाव को दिखा रही थी, वहीं आईवीआरआई की गुलदाउदी यह बताने के लिए काफी थी कि फूलाें का ख्याल कैसे रखते हैं। सिटी अस्पताल, मानसस्थली, कैंट बोर्ड, बिशप कोनरॉड, गंगाशील, खंडेलवाल से आई गुलदाउदी जाहिर कर रही थी कि शौक बड़ी चीज है। प्रदर्शनी में बॉल, रिफ्लैक्स्ड, स्पाइडर, इर्रेगुलर, इंकर्वड, इंटरमीडिएट, क्वील्ड और कोरियन किस्में खास तौर पर पसंद की जा रही हैं। कुल 286 प्रवृष्टियाें में 1057 गमले यहां आएं हुए हैं। निर्णायक मंडल में आरएन मेहरा, डॉ. नीरू साहनी, राजेंद्र कुमार अग्रवाल शामिल हैं। इसमें जीआरएम प्रबंधक राजेश जौली, निदेशक त्रिजित अग्रवाल, प्रधानाचार्य ग्रेस जोस, जया, पारुल, रजनीश त्रिवेदी, राहुल मैसी आदि का सहयोग रहा।
फूलों के शौकीनों की प्रवृष्टियां भी खास
प्रदर्शनी में फूलाें के शौकीन व्यक्तिगत प्रवृष्टियां वाले भी आगे रहे। अशा मूर्ति, रिचा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, देवमूर्ति, विभा वैद्य, फादर हैरोल्ड, हरीश भल्ला, डॉ. निशांत गुप्ता, डॉ. शशि बाला राठी, डॉ. एनके गुप्ता, डॉ. शालिनी माहेश्वरी और पुनीत शर्मा की प्रवृष्टियां भी खास हैं।