अगले महीने से शुरू होने वाले इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर आप बच नहीं पाएंगे। चौराहों पर लगे हाई पावर ट्रैफिक सर्विलांस कैमरों में टैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन कैद हो जाएंगे। उसी के आधार पर स्वत: ही ई नोटिस तैयार हो जाएगा। जिसे वाहन स्वामियों को थमाने के लिए स्पेशल स्टाफ लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, ट्रैफिक कंट्रोल रूम सोशल मीडिया और फेसबुक में डाली गईं ट्रैफिक उल्लंघन और एक्सीडेंट की जानकारियों पर तत्काल कार्रवाई करेगा। इसके लिए अलग से टीम होगी। यह जानकारी कमिश्नर की अध्यक्षता में शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में कंसलटेंट एजेंसी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से दी।
बैठक में बताया गया कि ट्रैफिक सुधारने के पूरे सिस्टम पर 67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार, नगर निगम और विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से धनराशि खर्च करेंगे। उपकरण की व्यवस्था सरकार की ओर से हो गई है। जो कि प्रदेश मुख्यालय में हैं। इनको स्थापित कराने पर नगर निगम और बीडीए धनराशि खर्च करेगा। ट्रैफिक पुलिस पूरे सिस्टम को लागू करेगी।
एजेंसी के विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रीन, रेड और यलो लाइट सिस्टम आटो होगा, यानि कि जिस लाइन में वाहन अधिक होंगे उस लाइन के लिए ग्रीन सिंग्नल अधिक समय तक रहेगा। जिससे कि वहां के वाहनों को ज्यादा देर तक खड़ा न रहना पड़े। जिस लाइन में कम वाहन होंगे वहां कम समय के लिए ग्रीन सिग्नल वाहनों को पास करने के लिए होगा।
कमिश्नर प्रमांशु ने ट्रैफि क प्लान को चरणवद्ध करने का सुझाव दिया। इसके लिए कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि, नगर निगम, बरेली विकास प्राधिकरण, यातायात पुलिस व आरटीओ को संयुक्त रुप में बैठक कर प्राथमिकता के आधार पर चौराहों में इस ट्रैफिक सिस्टम को लागू करने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में महापौर आईएस तोमर, आईजी विजय सिंह मीणा, डीएम गौरव दयाल, एसएसपी आरके भारद्वाज, बीडीए उपाध्यक्ष शशांक विक्रम, नगर आयुक्त शीलधर यादव, एसपी (यातायात) ओपी यादव, विद्युत, पीडब्लूडी, परिवहन, आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पहले फेज में इन चौराहों पर लगेगा सिस्टम
चौकी चौराहा, सेटेलाइट बस अड्डा, अय्यूब खां चौराहा, चोपुला चौराहा, चोपुला ओवर ब्रिज की रोटरी, शहामतगंज, सादाना चौराहा। आईवीआरआई रेलवे क्रासिंग, बड़ा बाईपास चौराहा।