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रुहेलखंड विवि ने नियम तोड़कर दे दी थी कोर्स की संबद्धता

Sat, 24 Sep 2016 12:42 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को कई साल बाद दो कालेजों में बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजूकेशन) कोर्स नियम विरुद्ध ढंग से चलने की सुध आई है। विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को आर्डिनेंस (परिनियमावली) में शामिल किए बिना ही बरेली और बिजनौर जनपद के एक-एक कालेज को करीब तीन साल पहले बीपीएड चलाने के लिए संबद्धता दे दी थी। अब विश्वविद्यालय को अपनी गलती की सुध आई है तो उसको सुधारने के लिए बीपीएड को आर्डिनेंस में शामिल करने की कवायद शुरू कराई है। सिलेबस निर्धारण कमेटी ने इसके कोर्स को भी मंजूरी दे दी है और जल्द होने जा रही एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बीपीएड को विश्वविद्यालय आर्डिनेंस में शामिल कराने की मंजूरी हो जाएगी।
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यूजीसी का नियम साफ है कि कोई भी कोर्स किसी भी कालेज में विश्वविद्यालय आर्डिनेंस में शामिल हुए बिना नहीं चल सकता लेकिन आर्डिनेंस में शामिल न होने केे बावजूद बिजनौर के एसपी डिग्री कालेज और बरेली में मीरगंज के आरपी डिग्री कालेज ने करीब तीन साल पहले विश्वविद्यालय से सांठगांठ करके बीपीएड की संबद्धता हासिल कर ली। हाल ही में प्रदेश सरकार से शारीरिक शिक्षकों की भर्ती की घोषणा हुई तो कई अन्य कालेजों ने भी बीपीएड की संबद्धता के लिए विश्वविद्यालय में प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने विश्वविद्यालय का आर्डिनेंस देखा तो पाया कि उसमें बीपीएड शामिल ही नहीं है लेकिन पहले से ही दो कालेजों को इस कोर्स की संबद्धता देने के तर्क पर विश्वविद्यालय प्रशासन पर बाकी कालेजों से भी संबद्धता हासिल करने का दबाव पड़ने लगा है। इसको देखते हुए कुलसचिव ने विश्वविद्यालय प्रशासन की पुरानी गलती को सुधारने के लिए अब बीपीएड को आर्डिनेंस में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। उनका कहना है कि नियमावली में शामिल होने के बाद ही अब किसी कालेज को बीपीएड की संबद्धता दी जा सकेगी।

इंसेट...
ऐसे किया संबद्धता का खेल
लगभग तीन साल पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो कालेजों को संबद्धता देने के खेल में नियम तोड़कर रास्ता निकाला था। दोनों कालेजों को विश्वविद्यालय आर्डिनेशन में कला वर्ग में शामिल फिजिकल एजूकेशन को आधार बनाकर बीपीएड की संबद्धता दे दी गई थी, जिसे अब गलत माना गया है। कुलसचिव डॉ. मौर्य मानते हैं कि बीपीएड एजूकेशन वर्ग का कोर्स है इसलिए उसके जरिए ही उसकी संबद्धता दी जा सकती है। बीपीएड को अब एजूकेशन विषय में शामिल किया जा रहा है।
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कोट...
दो कालेजों को बीपीएड की संबद्धता का मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है इसलिए उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा लेकिन अब इस कोर्स को आर्डिनेंस में शामिल कर रहे हैं। इसके बाद ही किसी कालेज को संबद्धता देंगे।
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-डॉ. साहबलाल मौर्य, कुलसचिव
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