बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र में फर्जी कागज लगाकर कुछ लोगों ने एक जमीन खरीद ली। इस जमीन पर राजस्व परिषद का स्टे होने के बाद भी पुलिस की मदद से उस पर निर्माण कराया जा रहा था। आईजी के आदेश पर इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शेरपुर के झुमक सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी सौ फुटा रोड किनारे कीमती जमीन है। सह खातेदार चाचा रामचंद्र अपने हिस्से की जमीन केहर सिंह, सपना राठौर, राजीव अग्रवाल, दीपाली अग्रवाल, प्रभा, जकी हुसैन, राहुल और अमित पाठक सहकारी आवास समिति को 1989 और 2004 के बीच बेच चुके हैं। रामचंद्र 4798 वर्ग मीटर जमीन के मालिक थे, लेकिन उन्होंने 17000 वर्ग मीटर जमीन बेच दी। रामचंद्र की मौत के बाद उनके बेटे राजेंद्र, विजेंद्र, महेंद्र, सुरेंद्र और अमरवीर ने अपने नाम खतौनी में दर्ज करा लिए।
हिस्सा न होने के बाद भी पांचों भाइयों ने फर्जी कागजों के जरिये 348.66 वर्गमीटर जमीन का बैनामा आशिर परवेज और 300 वर्गमीटर का बैनामा कुनाल गुप्ता, विनय गुप्ता व बरखा गुप्ता को कर दिया। अब जमीन पर पांचों भाइयों के साथ सीमा, सोमवती, सुनील कुमार, विनय गुप्ता, कुनाल गुप्ता, बरखा गुप्ता, राजेंद्र सिंह, विशाल सिंह और पंकज ठाकुर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जमीन पर स्टे होने के बाद भी पुलिस की मदद से निर्माण करा रहे हैं।
19 जनवरी को जब झुमक सिंह ने विरोध किया तो उनकी पिटाई कर गला दबा दिया। इससे झुमक सिंह बेहोश हो गए। होश में आने के बाद पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नही हुई। आईजी के आदेश पर इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर उच्चाधिकारियों के आदेश से रिपोर्ट लिख ली है। जांच के बाद जो सच्चाई होगी वह विवेचना में सामने आ जाएगी। अमर उजाला ब्यूरो