संवेदनशील गांव खैलम के घरों में लगाए थे देशी बम, पीएसी के दस्ते ने निष्क्रिय किए
बरेली। अलीगंज के खैलम गांव में दुश्मनों के घरों में बम लगाने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। प्रेसवार्ता में एसएसपी ने बताया कि बम बनाने के लिए सामान लाकर देने वाला उनका दोस्त फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने खैलम निवासी बबलू लुहार और जयवीर मौर्य को मीडिया के सामने पेश किया। बताया, इन दोनों ने ही गांव के खान सिंह और सूरजपाल के घरों में 16 सुतली बम लगाए थे और खुद ही इसकी सूचना पुलिस तक भिजवा दी थी। दरअसल, दोनों एक तीर से कई निशाने साधना चाहते थे। इन्होंने सोचा था कि पुलिस बम बरामद करके खान सिंह और सूरज पाल के खिलाफ ही कार्रवाई करेगी और अगर बम फटे तो इन दोनों का जानमाल का नुकसान भी होगा। बम बरामद होने के बाद पहले तो पुलिस ने खान सिंह और सूरज पाल को ही दोषी मानकर उनके खिलाफ रिपोर्ट लिख ली, लेकिन पूछताछ और जांच में बबलू और जयवीर के नाम सामने आए। गांव के हलीम ने इन्हें बम बनाने का सामान लाकर दिया। इन लोगों ने ईख में बैठकर बम बनाए थे।
एसएसपी ने बताया कि आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले सुतली बमों से कुछ ज्यादा बड़े आकार के इन बमों को पीएसी के बम निरोधक दस्ते से निष्क्रिय कराया गया। बमों का लैब में परीक्षण कराने के बाद ही उनकी तीव्रता और मारक क्षमता का पता लगेगा। हलीम पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है, उसकी तलाश में टीम लगाई है।
सिरौली में भी मिले थे बम
सिरौली के केसरपुर गांव में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां प्रधान के पति के नलकूप से बम बरामद हुए थे। बाद में पता चला कि प्रधान के पति के दुश्मन गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर ने यह हरकत की थी। इस मामले में भी पहले प्रधान के पति के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में हिस्ट्रीशीटर को आरोपी मानकर कार्रवाई की गई। हिस्ट्रीशीटर रामपुर के शाहबाद में अपनी ससुराल में भी इसी तर्ज पर बम फिट करके विरोधियों को फंसाने की कोशिश कर चुका है।