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Bareilly: दो होमगार्डों ने चौकीदार को बुरी तरह पीटा, शांतिभंग में छूट गए दोनों; प्रियंका गांधी ने कही ये बात

Wed, 15 May 2024 10:46 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नवाबगंज (बरेली)

सार

पुलिस ने दोनों पर एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी तो की, लेकिन चालान शांतिभंग में ही किया। इसी वजह से दोनों को जमानत मिल गई।
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चौकीदार को राइफल की बट से पीटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के नवाबगंज तहसील परिसर में चौकीदार को राइफल की बट से सार्वजनिक रूप से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद भी दोनों होमगार्ड को कानूनी दांवपेंच से फौरी राहत मिल गई है। पुलिस ने दोनों पर एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी तो की, लेकिन चालान शांतिभंग में ही किया। इसी वजह से एसडीएम कोर्ट से दोनों को फौरी जमानत मिल गई।

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नगर से सटे बहोरनगला गांव के वीरेंद्र कुमार थाना नवाबगंज में चौकीदार हैं। मंगलवार को वीरेंद्र अपनी जमीन की फर्द निकलवाने तहसील गए थे। तहसीलदार कार्यालय में तैनात होमगार्ड वीर बहादुर और रामपाल उन्हें देखकर बोले कि सरकार से फ्री का राशन लेते हैं, वोट भी नहीं देते। जब उन्होंने विरोध किया तो होमगार्ड ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज की।

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वीरेंद्र को राइफल की बट से पीटा। तहसील में मौजूद लोगो ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामला सुर्खियों में आया तो थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने पीड़ित वीरेंद्र की तहरीर के आधार पर एससी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों आरोपी होमगार्डों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया गया। उन्हें एसडीएम कोर्ट भेजा गया, जहां से उनको जमानत मिल गई।

दोनों होमगार्डों पर ही पीड़ित के तहरीर के मुताबिक एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है, इसकी विवेचना सीओ नवाबगंज करेंगे। विवेचना में जो स्थिति सामने आएगी, उसी के मुताबिक चार्जशीट तैयार की जाएगी। -मुकेश मिश्रा, एसपी उत्तरी

अपने हिसाब से कानून तय करते हैं जिम्मेदार
एससीएसटी एक्ट के आरोप तय करने में अभी समय लग सकता है और विवाद में मारपीट ही दिख रही है। हालांकि किसी सामान्य व्यक्ति पर एससी एक्ट लगता तो पुलिस चालान की रिपोर्ट भी उसी धारा में भेजती और उस व्यक्ति की जमानत मुश्किल से हो पाती। कई मामलों में जिम्मेदार अपने हिसाब से कानूनी दांवपेंच तय करते हैं, इस कार्रवाई से लग रहा है कि भविष्य में भी चौकीदार को न्याय मिलना दुष्कर साबित हो सकता है। -अनिल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष बरेली बार एसोसिएशन
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राष्ट्रीय राजनीति में छाया मुद्दा, प्रियंका ने भी की पोस्ट
चुनावी सीजन में नवाबगंज तहसील में चौकीदार की पिटाई का वीडियो वायरल होने का मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी सुर्खियां बटोर रहा है। प्रियंका गांधी ने पोस्ट करके इसे अनुसूचित वर्ग के उत्पीड़न से जोड़ा है। उन्होंने लिखा है कि पुलिसकर्मियों को यह हिम्मत कहां से मिली जो वह भाजपा के लठैत की तरह बर्ताव कर अनुसूचित वर्ग के लोगों को पीटें। वहीं इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का फोटो लगा पोस्ट भी वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि अनुसूचित वर्ग के व्यक्ति को पीटने के लिए चाहिए तीन सौ पार।
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