फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: विद्यार्थियों का मददगार बना वनस्पति उद्यान, पढ़ाई हो रही आसान

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वनस्पति उद्यान में बॉटनी, माइक्रो बायोलॉजी व कृषि विज्ञान के छात्रों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। बुधवार को वनस्पति उद्यान में स्नातक, परास्नातक व रिसर्च के छात्र अपने असाइनमेंट से जुड़े कार्यों के लिए गार्डन में आवश्यक सामग्री एकत्रित करते नजर आए। इससे उनकी पढ़ाई आसान हो रही है और नई शिक्षा नीति के माध्यम से एक व्यवसाय भी सिखाया जाता है।
विज्ञापन

पांच एकड़ में बने इस गार्डन में छात्र अपने प्रोजेक्ट से जुड़े अभ्यास करते दिखे। जहां शिक्षकों की ओर से दिए गए लैब के कार्यों में काई, माइक्रोब्स और अलग-अलग पौधों पर प्रयोग करते हैं। छात्रों का कहना है यह वनस्पति उद्यान केवल विषय से जुड़े छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी छात्रों के लिए है, जिसमें अपनी जिज्ञासा मिटाने के लिए छात्र आते हैं। विशेष बात यह है कि हमें ग्रुप में बांटकर नई शिक्षा नीति के माध्यम से एक व्यवसाय भी सिखाया जाता है। जो हमारे विषयों से जुड़ा हो। कुछ छात्रों को तालाब में मखाने की खेती, बांस की खेती, मसाले वाले पौधों की खेती, मशरूम की जैसे व्यवसाय के बारे में केवल बताया ही नहीं कराया भी जाता है। पीएचडी छात्रा अकांक्षा गर्ग ने बताया छात्रों को व्यवसायिक खेती के अलावा भी छात्रों को काई से कागज बनाना, रंगीन शिमला मिर्च उगाना जैसी खेती की बारीकियां भी सीखी हैं। हम पहले प्रोजेक्ट पर कार्य करना सीखते हैं इसके बाद उसका व्यवसायीकरण भी बताया जाता है। जिससे अकादमिक के बाद छात्र बेरोजगार न रहे। प्रो. संजय कुमार गर्ग ने बताया 2017 के बाद से वीसी केपी सिंह के प्रयासों के बाद वनस्पति उद्यान का तेजी से विकास हुआ है। वर्तमान में यहां चंदन योग वाटिका के किनारे बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही है। संवाद


क्या बोले छात्र-छात्राएं-

- कैंपस में ये मेरा प्रथम वर्ष है। आज पहली बार मैं प्रयोगशाला के दौरान वनस्पति उद्यान गया। छात्रों के लिए सभी तरह के जरूरी प्रयोगों के लिए उपयोगी वस्तुएं हैं। - विकास, एमएससी प्रथम वर्ष
विज्ञापन


-हम टैक्सोनॉमी, जिम्नोस्पर्म, पॉलीग्रेन जैसे प्रयोग कर चुके हैं, इससे जुड़े सभी तरह के पौधे व अन्य वस्तुएं हमें इसी गार्डन में ही उपलब्ध मिली है। - रुमा साबरी, एमएससी द्वितीय वर्ष

- यहां हर क्लास में छात्रों का लर्निंग ग्रुप भी बनाया गया। जिससे हम सभी पढ़ाई के साथ एक हुनर भी सीख सकें। पिछले 4-5 सालों में कई चीजें सीख चुकी हूं। - प्रेरणा चौहान, पीएचडी स्कॉलर

दुर्लभ प्रजाति के पौधे मौजूद
प्रो. डॉ संजय कुमार गर्ग ने बताया इस वनस्पति उद्यान में छात्रों के प्रयोग की वस्तुओं के अलावा भी बहुत कुछ है। जिसमें से सिंदूर का पौधा एक है। फलों में संतरा, मौसमी, सेब, बेर, फूलों में कमल का तालाब, मखाने की खेती, शिमला मिर्च के खेत, बांस के खेत आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें