बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक में बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस 10 हजार रुपये कम की गई है। इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक (एआई) के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया है।
यह बैठक कुलपति केपी सिंह की अध्यक्षता में कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में हुई। इसमें आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखा गया। व्यवसाय प्रशासन विभाग के स्नातक पाठ्यक्रम बीएमएस की फीस 50,000 रुपये से घटाकर 40,000 रुपये प्रति वर्ष की गई है। यह कटौती सत्र 2026-27 से लागू होगी। इसका उद्देश्य अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के शुल्क में समानता लाना है। व्यवसाय प्रबंधन विभाग में नौ नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें बैंकिंग, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। शारीरिक शिक्षा विभाग के बीपीईएस पाठ्यक्रम के शुल्क को भी मंजूरी मिली है।
विश्वविद्यालय ने शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम है। कुलपति केपी सिंह ने बताया कि यह निवेश विश्वविद्यालय को तकनीकी शिक्षा में नई पहचान दिलाएगा। इससे विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे।
खेल सुविधाओं का विस्तार
स्थानीय समुदाय में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी निर्णय लिए गए हैं। विश्वविद्यालय के एथलेटिक ट्रैक, बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, शूटिंग रेंज, बॉक्सिंग रिंग और बास्केटबॉल कोर्ट का उपयोग बाहरी खिलाड़ी कर सकेंगे। इसके लिए विभिन्न शुल्क तय किए गए हैं। कुलपति ने बताया कि यह समाज को स्वस्थ और प्रतिस्पर्धी माहौल देने की दिशा में एक पहल है।