ब्लैक आउट के समय अशोक कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर छाया अंधेरा। संवाद
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पीलीभीत। बृहस्पतिवार शाम छह बजे के बाद शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कालेज परिसर में अचानक से हवाई हमले का सायरन बज उठा। खतरा भांपते ही 10 मिनट के लिए शहरभर में ब्लैक आउट हो गया और अफसर दौड़ पड़े। घायलों का आनन-फानन में उपचार किया गया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इस ब्लैक आउट मॉकड्रिल से पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मॉकड्रिल कर अपनी तैयारियां परखीं।
मॉकड्रिल में सबसे पहले हवाई हमले की चेतावनी पर सायरन बजाया गया। इसके बजते ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया गया। सायरन ध्वनित बजने पर नागरिकों ने सुरक्षित स्थान/शेल्टरों में शरण ली। हवाई हमले के दौरान घायल हुए लोगों का सुरक्षा बलों, आपदा मित्रों व चिकित्सीय टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य किया। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। हवाई हमले की चेतावनी समाप्त होने के बाद नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों ने आग बुझाने के लिए आग बुझाने के लिए उपकरणों का प्रयोग किया, जबकि फायर सर्विस द्वारा बड़ी आग बुझाने के लिए टेंडर वाहन का इस्तेमाल किया गया। खतरा पूरी तरह टलने पर ऑल क्लियर सायरन दो मिनट तक ऊंची आवाज में बजाया गया।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य यह है कि जब हमारे ऊपर किसी भी तरह की आपदा आती है। चाहे वह युद्ध हो अन्य कोई, हम अपने नागरिकों को कैसे बचा सकते है। किस तरह सुरक्षा कर सकते हैं। इसका पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान एएसपी विक्रम दहिया, एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रसून द्विवेदी, सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, एसडीएम श्रद्धा सिंह, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी मौजूद रहे। संवाद