133 केवीए सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी आने से जंक्शन की बिजली सप्लाई शाम 5:30 बजे ठप हो गई। जंक्शन के बिजली अनुभाग को जनरेटर से कनेक्शन देने में दो घंटे लग गए। इस दौरान पूछताछ सेवा भी ठप रही। इस दौरान तीन ट्रेर्नें आइं, लेकिन यात्रियों को उनका जंक्शन पर रुकने के बाद ही पता चला। ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान कुछ यात्री चुटैल भी हो गए।
जंक्शन पर 24 घंटे बिजली सप्लाई रहती है, लेकिन रविवार शाम 5.30 बजे सब स्टेशन में तकनीकी खराबी आने से बिजली चली गई। दस मिनट तक इलेक्ट्रिक सेक्शन के कर्मचारी बिजली आने का इंतजार करते थे। इसके बाद सब स्टेशन पर संपर्क किया तो पता चला कि बड़ा फाल्ट है। ठीक होने में वक्त लगेगा। तब इलेक्ट्रिक सेक्शन के कर्मचारी जनरेटर से कनेक्शन देने की कवायद में जुटे। इसमें उन्हें दो घंटे लग गए। 7.30 बजे के करीब जनरेटर से बिजली सप्लाई दी जा सकी। इस दौरान दो घंटे तक जंक्शन अंधेरे में डूबा रहा। सबसे ज्यादा असर इंक्वायरी सिस्टम पर पड़ा। वहां से ट्रेनों का एनाउंसमेंट बंद हो गया। खिड़की पर यात्रियों को सही पोजीशन नहीं मालूम हो सकी। इधर, पौने छह बजे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस जंक्शन पहुंची तो अंधेरे में यात्रियों को अपना रिजर्वेशन कोच खोजना मुश्किल हो गया। साढ़े सात बजे तक श्रमजीवी एक्सप्रेस, सियालदाह एक्सप्रेस जंक्शन पहुंची, दोनों ट्रेनों के यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ी। प्लेटफार्म तीन से बरेली दिल्ली पैसेंजर गुजर गई, लेकिन कई यात्रियों को उसका पता ही नहीं लगा। साधारण कोच में चढ़ने-उतरने के दौरान कई यात्री चुटैल हो गए। देर रात तक जंक्शन पर जनरेटर से सप्लाई जारी थी।