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Bareilly News: मुस्तैदी के दावे को पानी पिला रही खाद की कालाबाजारी

Sat, 03 Oct 2026 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। जिले में खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने संबंधी कृषि विभाग के दावे कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं। विभागीय निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों पर सबकुछ ठीक-ठाक मिलने का दावा किया जाता है, जबकि किसानों की ओर से मिल रही गोपनीय सूचनाओं पर कराई गई जांच में खाद की कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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खाद की कालाबाजारी का मामला नया नहीं है। पूर्व में शिकायत मिलने के बाद यूरिया का स्टॉक भी बरामद हो चुका है। इसके बावजूद किसान लगातार खाद की कालाबाजारी का मुद्दा उठा रहे हैं। किसान दिवस में भी यह मुद्दा उठाकर कार्रवाई की मांग की थी। किसानों की शिकायतों और पूर्व की गई कार्रवाइयों को देखते हुए विभागीय निगरानी की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।
खाद बनाने की नकली फैक्टरी का हुआ था भंडाफोड़
गोपनीय शिकायत मिलने पर 23 मार्च को हरूनगला में जिला कृषि अधिकारी और बारादरी पुलिस को एक परिसर में विभिन्न कंपनियों की खाद व दवाएं रखी मिली थीं। डोहरा रोड निवासी दुकानदार सुरेंद्र पाल सिंह से जब इसके दस्तावेज मांगे गए तो वह प्रस्तुत नहीं कर सका। खाद के छह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे।
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दूरभाष पर मिली सूचना, 1200 बोरी यूरिया जब्त

बृहस्पतिवार को दूरभाष पर मिली सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने करेली गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित आयुष्मान फर्टिलाइजर के परिसर पर छापा मारा था। जांच में 950 बोरी अनुदानित यूरिया और फर्म की ओर से तैयार की गई हरे रंग की 250 बोरियों में भी खाद भरी मिली थी। कुल 1200 बोरी यूरिया को जब्त किया गया।

वर्जन
विभाग की ओर से समय-समय पर खाद के अवैध भंडारण और कालाबाजारी की रोकथाम के लिए निरीक्षण किए जाते हैं। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। शिकायतों का त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। जिले में खाद की भरपूर उपलब्धता है। - ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
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उत्तराखंड तक हो रही थी खाद की सप्लाई, रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
फॉलोअप
- अनुदानित यूरिया को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका, चार नमूने जांच के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। करेली रोड स्थित आयुष्मान फर्टिलाइजर्स के परिसर 1200 बोरी खाद जब्त किए जाने के मामले में प्रोप्राइटर आयुष अग्रवाल के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आयुष्मान फर्टिलाइजर्स से उत्तराखंड और हरियाणा के कई जिलों तक खाद की आपूर्ति की बात सामने आ रही है। पुलिस अब फर्म से पिछले दो माह में हुई खाद की बिक्री का रिकॉर्ड खंगालेगी।
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, आयुष्मान फर्टिलाइजर्स के परिसर में छापा मारा गया तो वहां से 1200 बोरी खाद मिली। इनमें 950 बोरी अनुदानित यूरिया और आयुष्मान फर्टिलाइजर्स की ओर से निर्मित पीआरओएम के छपे हरे बैग में 250 बोरी खाद मिली। दोनों प्रकार की खाद के दो-दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
विभाग की ओर से आशंका जताई गई है कि अनुदानित यूरिया का इस्तेमाल आयुष्मान फर्टिलाइजर्स की ओर से कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था। कृषि विभाग ने इसे उर्वरक (परिसंचलन) नियंत्रण आदेश, 1973 के क्लॉज-4सी और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा-3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।
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वर्जन
कृषि अधिकारी की तहरीर पर फर्म मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। - शिवम आशुतोष, एएसपी
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