अपने ही जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर भाजपा के छह कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल में पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष अभिषेक यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा के हस्ताक्षर से जिले भर में युवा मोर्चा के ग्रामीण मंडल और नगर अध्यक्षों का मनोनयन कर 25 नवंबर को सूची जारी की गई थी।
सूची जारी होने के बाद से ही खुटार में इसका विरोध शुरू हो गया था। कुछ कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सूची में दूसरे दलों से आए लोगों को जगह दी गई है, जबकि समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है।
26 नवंबर को कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए खुटार में मार्च निकाला और मुख्य चौराहे पर आकर अपने ही जिलाध्यक्ष का पुतला दहन किया था। आरोप लगाया था कि केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज का चुनाव प्रभावित करने के लिए वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नजरअंदाज कर सपा, बसपा के कार्यकर्ताओं को किसान मोर्चा, युवा मोर्चा में पदाधिकारी बनाया जा रहा है, जो पार्टी हित में घातक है।
इसके बाद बैठक कर जिलाध्यक्ष को 72 घंटे में इस पर निर्णय करने का अल्टीमेटम दिया गया था। चेतावनी की मियाद पूरी होने के बाद दो दिसंबर की सुबह आठ कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनके समर्थन में नीचे दो दर्जन कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष हटाओ भाजपा बचाओं की नारेबाजी कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा अनावा ने बताया कि विपक्षी दल के लोग पार्टी को बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ साजिश रचकर कुछ युवाओं को उकसा कर पानी की टंकी पर चढ़वा दिया है।
टंकी पर युवा मोर्चा के विधानसभा प्रभारी अंकित सिंह भदौरिया, मलिका निवासी शेर सिंह, अनुज सिंह भदौरिया, चुनमुन सिंह, आकाश सिंह, अमन सिंह, अंकित कठेरिया चढ़े है।