कें द्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि मुस्लिम अल्पसंख्यक भाजपा के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल हैं। इसीलिए दलितों और पिछड़ों की तरह अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अलग से मंत्रालय बनाकर उनके पिछड़ेपन को दूर करने के लिए शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी काम कराए जा रहे हैं। इसमें भाजपा और केंद्र सरकार किसी तरह की राजनीति नहीं कर रही है। सारे काम सच्चर कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रमों के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सच्चर कमेटी की सभी रिपोर्ट सियासी पुलिंदा हैं, जिनको हमने सिरे से नकार दिया है। मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट स्कीम (एसएसडीपी) में उत्तर प्रदेश को तीन हजार करोड़ और पश्चिम बंगाल को एक हजार करोड़ रुपये दिए हैं। भविष्य में इस योजना को बंद करने का कोई इरादा नहीं है।
नकवी ने गड़िया स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह यूपी की राजनीति में प्रदेशाध्यक्ष या मुख्यमंत्री के रुप में भाजपा के न तो चेहरा हैं न ही मोहरा। प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी। यही नहीं, 2017 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा जल्द ही कद्दावर नेता को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करेगी। एएमयू और जामिया मिलिया को अल्पसंख्यक स्वरूप प्रदान करने के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि ये दोनों सेंट्रल यूनिवर्सिटी हैं। इनको अल्पसंख्यक स्वरूप प्रदान करने का मुद्दा संवैधानिक है और अदालत में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ युद्ध शुरू हो गया है। भारत पहले से ही आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। जिन देशों में आतंकवाद पलता-बढ़ता रहा है, आज वे भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। इसीलिए अब आतंकवाद ज्यादा दिन तक टिकने वाला नहीं है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में गड़बड़ी के बारे में कहा कि ये चुनाव कैसे हुए है। इस बारे में सबको पता है। किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।