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स्मृति शेष: विद्यार्थी परिषद में सीखा अनुशासन, संघ के सांचे में तपकर निकले विधायक श्याम बिहारी लाल

Sat, 03 Jan 2026 01:11 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल उच्च शिक्षित राजनेता थे। वह फरीदपुर विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक बने। एक जनवरी को ही उन्होंने अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। शुक्रवार को अचानक हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। 
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भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर से विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल खांटी भाजपाई थे। वह पार्टी के प्रबुद्ध वर्ग के साथ ही अनुसूचित वर्ग का स्थानीय चेहरा भी थे। मूल रूप से वह शाहजहांपुर जिले के निवासी थे। एक जनवरी 1966 को जन्मे श्याम बिहारीलाल की शुरुआती शिक्षा शाहजहांपुर में हुई थी। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम किया। फिर वह स्वयंसेवक संघ के लिए काम करते रहे। उसके बाद वह रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर बने। इस दौरान उन्होंने अखबारों के लिए लेख भी लिखे।

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चूंकि वह अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे तो फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से उन्होंने सियासी सफर शुरू किया। वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2012 में भाजपा ने उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया। इस बार वह दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2017 में भाजपा ने जब तीसरी बार श्याम बिहारीलाल पर दांव लगाया तो वह चुनाव जीत गए। 2022 में वह दोबारा विधायक बने। फरीदपुर से लगातार दूसरी बार विधायक बनकर उन्होंने इतिहास रचा, क्योंकि इस सीट पर इनसे पहले कोई भी लगातार दूसरी बार चुनाव नहीं जाता था। 

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मंत्री पद के थे प्रबल दावेदार 
प्रोफेसर श्याम बिहारीलाल अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। बसपा का कैडर वोट झटकने की मौजूदा नीति के तहत माना जा रहा था कि पार्टी अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री बना सकती है। हालांकि इससे पहले वह दुनिया छोड़ गए।

अब उपचुनाव की तैयारियों में जुटेंगे सभी दल
फरीदपुर से दूसरी बार भाजपा से विधायक रहे प्रो. श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन के बाद राजनीतिक दलों में उप चुनाव की चर्चा शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव में करीब सालभर का वक्त है। लिहाजा, फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, किसी भी राज्य में विधानसभा चुनाव अगर छह माह के अंदर होते हैं तो वहां प्रशासक नियुक्त होते हैं। लेकिन छह माह बाद चुनाव की स्थिति में उप चुनाव कराए जाते हैं। 

इसकी तिथि निर्धारित करने के लिए शासन की ओर से सीट रिक्त दर्शाकर चुनाव आयोग को सूचना भेजी जाती है। फिर आयोग उस पर निर्णय लेता है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में करीब साल भर का वक्त है, ऐसी स्थिति में उप चुनाव मुमकिन है। फरीदपुर भाजपा की सुरक्षित सीटों में से एक है। हालांकि, उप चुनाव कब कराना है, यह निर्णय आयोग की ओर से लिया जाएगा। 

इन्होंने जताया शोक
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल जाने-माने इतिहासकारों में से एक थे। उनका जाना रुहेलखंड के लिए इतिहास के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है।

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि हमें व्यक्तिगत रूप से बहुत अफसोस है। उनके सरल स्वभाव के बारे में जितना कहें, कम है। निधन होने से कुछ पल पहले वह हम लोगों के साथ बैठक में थे और बरेली के पर्यटन विकास के लिए सुझाव भी दिया था। 

महापौर उमेश गौतम ने कहा कि फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का असमय जाना सियासत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने हमेशा जनता की निस्वार्थ सेवा की। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। 

जिला पंचायत की अध्यक्ष रश्मि पटेल ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी बिल्कुल ठीक थे। अचानक पता नहीं क्या हुआ, कोई कुछ समझ ही नहीं पाया। हालांकि, बैठक में आने के दौरान उनके चेहरे की रौनक कुछ कम थी। उनके निधन से राजनीतिक और शिक्षा के क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। 

भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन से बहुत दुख हुआ। वे सरल, संवेदनशील और जनसेवा को अपना धर्म मानने वाले जनप्रिय विधायक थे। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास और जन कल्याण के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने कहा कि विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल शिक्षाविद व जनप्रतिनिधि होने के साथ कर्मठ और सरल व्यक्ति थे।  समाजसेवी राहुल जौहरी ने कहा कि उनके साथ बहुत सी यादें जुड़ी हैं।  महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन, अत्यंत दुखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं, भावभीनी श्रद्धांजलि। 

बरेली के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि फरीदपुर विधान सभा क्षेत्र से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान देने एवं परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं।
 
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सपाइयों ने जताया शोक 
फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी के आकस्मिक निधन पर सपाइयों ने गहरा शोक व्यक्त किया गया। सपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, रविंद्र सिंह यादव, अशोक यादव समेत सुरेंद्र सोनकर, कलीमुद्दीन, जितेंद्र मुंडे, राम सेवक प्रजापति, संजीव कश्यप, गंगा सिंह, संदीप मौर्य, हिमांशु सोनकर, मोहित कश्यप अन्य पदाधिकारियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। 

इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन प्रदेश की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं हो सकेगी। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने भी शोक व्यक्त किया है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि श्याम बिहारी ने अपने शांत स्वभाव और जनसेवा के कार्यों से लोगों के बीच विशेष स्थान बनाया।
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