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मुसलमानों को साधने की कवायद: भाजपा ने बनाया बड़ा प्लान; डिप्टी CM बोले- यह तो झांकी है, पूरी पिक्चर बाकी है

Thu, 08 Jun 2023 12:09 PM IST
मुकेश कुमार राहुल दुबे, अमर उजाला बरेली

सार

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हम तो शुरू से ही सबका साथ-सबका विकास पर काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। अल्पसंख्यकों के लिए मोदी-योगी सरकार की कुछ योजनाएं भी गिनवाईं। कहा कि विपक्ष आपको डरा रहा है। 
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को किया संबोधित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उनके सुर बदले दिखाई दिए। आमतौर पर हिंदुत्व के मुद्दों पर प्रखर रहने वाले केशव प्रसाद अल्पसंख्यकों का हाल पूछते दिखाई दिए। भाजपा रणनीतिकारों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में मुसलमानों के एक वर्ग को साध लिया गया तो पार्टी की राह आसान हो जाएगी। केशव प्रसाद के भाषण की लाइनें भी इसी के इर्द-गिर्द दिखाई दीं।

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सम्मेलन के दौरान अगली पंक्ति में अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। डिप्टी सीएम ने भाषण शुरू करने के कुछ देर बाद ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि वह अल्पसंख्यक वर्ग को अपनी कठपुतली समझते हैं, मगर अब ऐसा नहीं है। विपक्ष इस समाज को बहुत दिन भ्रमित नहीं कर सकता है।

केशव बोले- अभी तो यह झांकी है... 

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बरेली में तो एक नगर पंचायत में हमारी पार्टी ने अध्यक्ष बनाकर शुरुआत भी कर दी है। विपक्ष देखता रहे, अभी तो यह झांकी है, आगे पूरी पिक्चर बाकी है। इस पर अल्पसंख्यक समाज ने उनके समर्थन में नारेबाजी की। 

इसके बाद उन्होंने मुस्लिम नेता व कार्यकर्ताओं से पूछा कि आप बताइए कि भाजपा को वोट देने के बाद आपको कोई दिक्कत हुई क्या, इस पर मुस्लिम समाज के लोगों ने एक आवाज में जवाब दिया कि नहीं। डिप्टी सीएम ने कहा कि हम तो शुरू से ही सबका साथ-सबका विकास पर काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। अल्पसंख्यकों के लिए मोदी-योगी सरकार की कुछ योजनाएं भी गिनवाईं।

मुसलमानों के एक तबके को साथ लाने की कोशिश

पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि निकाय चुनाव के बाद एक आंतरिक सर्वे हुआ। इसमें सामने आया कि मुसलमानों के प्रभाव वाली सीटों पर इस बिरादरी से एक तबके ने खुलकर भाजपा का साथ दिया। लोकसभा चुनाव में यदि बड़े अंतर से जीत हासिल करनी है तो इस तबके को साथ लेकर चलना होगा। 
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इसी के तहत पार्टी ने भाषण के तरीके में बदलाव किया है। 14 लोकसभा सीटों पर पार्टी कड़े मुकाबले में फंस सकती है और इन सीटों पर मुस्लिम वोट करीब 30 फीसदी है। अब पार्टी की रणनीति यह है कि इसमें एक तबके का 15 फीसदी तक वोट ले लिया जाए तो यहां बिना किसी परेशानी के जीत हासिल कर लेगी।

सर्वे : मुसलमानों का बढ़ा भरोसा

मुसलमानों में केंद्र सरकार के खिलाफ कोई नाराजगी नहीं है तो उनके सम्मेलन व नेताओं के भाषण में केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र ही किया जाएगा। सर्वे के आधार पर पार्टी का मानना है कि मुसलमानों में भाजपा के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसी के तहत सूफी विचारधारा को मानने वाले कव्वालों से कार्यक्रम कराए जाएंगे। इसका पूरा कार्यक्रम भी तय हो चुका है।
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