नगरपालिका चुनाव में फर्जी वोटिंग पर बसपा-भाजपा के बीच पथराव के बाद भाजपाइयों पर पुलिस के लाठीचार्ज से आहत पार्टी जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर फूट-फूटकर रोए। जिलाध्यक्ष बसपा चेयरमैन प्रत्याशी शहला ताहिर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके विरोध में भाजपाइयों ने थाने के अंदर प्रदर्शन भी किया लेकिन जब पुलिस के आला अफसरों समेत भाजपा के भी बड़े नेताओं ने जिलाध्यक्ष की नहीं सुनी तो वह स्वयं को असहाय समझकर फूट-फूटकर रोने लगे। उनका रोने का सोशल साइट्स पर वीडियो वायरल हो गया। इससे भाजपा नेताओं में खलबली मच गई। अगले दिन पार्टी के चार विधायक जिलाध्यक्ष को मनाने पहुंचे। पुलिस भी हड़बड़ाहट में बैकफुट पर आ गई और शहला समर्थक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि शहला ताहिर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जिलाध्यक्ष समर्थक क्षेत्रीय विधायक केसर सिंह पर भी उंगली उठा रहे हैं।
नवाबगंज नगरपालिका में मतदान के दिन फर्जी वोटिंग पर आपत्ति जताने पर बसपा प्रत्याशी शहला ताहिर समर्थकों ने भाजपाइयों पर पत्थर फेंककर बवाल मचाया था। इसमें पुलिस की भूमिका बसपा समर्थकों के पक्ष में होने के आरोप भाजपाइयों ने खुले आम लगाए। भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर ने बवाल के बाद सीओ गिरीश कुमार और इंस्पेक्टर कृष्ण दोहरे की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया। फिर भी न तो पुलिस ने उनकी सुनी, न ही भाजपा के बड़े नेताओं ने। इन सबसे आहत जिलाध्यक्ष पहले फूट-फूटकर रोए। फिर आत्मदाह की चेतावनी दी। उनके समर्थक यह कहते सुने गए कि अगर अपनी सरकार में भी जिलाध्यक्ष की कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो उनको सपा ज्वाइन कर लेनी चाहिए।
रोने का वीडियो वायरल होने के अगले दिन बृहस्पतिवार को भाजपा के बिथरी विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल, मीरगंज विधायक डीसी वर्मा, भोजीपुरा विधायक बहोरनलाल मौर्य और क्षेत्रीय विधायक केसर सिंह के अलावा बृज प्रांत उपाध्यक्ष हर्षवर्धन आर्य, ब्लाक प्रमुख योगेश पटेल और प्रदीप पुष्कर समेत तमाम पार्टी नेता जिलाध्यक्ष से मिलने पहुंचे। उनको बहुत देर तक मनाया गया। विधायकों ने रवींद्र सिंह राठौर के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसी दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने अपने ही विधायक केसर सिंह गंगवार पर बसपा प्रत्याशी की मदद करने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। डीसी वर्मा और बहोरनलाल मौर्य ने विवाद शांत करते हुए कहा कि कि केसर सिंह क्षेत्र के विधायक हैं, उनके बारे में विवादित बातें न कहें दोनों विधायकों ने यह भी कहा कि जिलाध्यक्ष के मुद्दे पर नौ विधायक और दोनों सांसद एकजुट हैं।
विधायकों की बात
एसएसपी का ट्रांसफर हमारे लोगों ने ही रुकवाया था। अब उन्हें हम झेल रहे हैं। नवाबगंज सीओ और इंस्पेक्टर बसपा की मानसिकता के हैं। इन पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। डीसी वर्मा, मीरगंज विधायक
सपा-बसपा मानसिकता वाले अधिकारियों की कुंडली है। निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद इन अधिकारियों से निपटा जाएगा। नवाबगंज नहीं, देवरनिया सहित कई जगह से पुलिस की शिकायतें आई थीं। - बहोरन लाल मौर्य, भोजीपुरा विधायक
अधिकारियों ने अपनी मानसिकता नहीं बदली है। हम मौके पर जाते तो मामला बढ़ जाता। अधिकारियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर बेवजह लाठीचार्ज कर घटिया मानसिकता का प्रमाण दिया। अपनी सरकार में भाजपा कार्यकर्ता पुलिस के डंडे खाएं। ऐसे अधिकारी नहीं रहेंगे। - केसर सिंह, नवाबगंज विधायक
इतना बवाल नहीं होना चाहिए था, मामला थोड़े पर निपट सकता था। पुलिस और प्रशासन ने मामला बढ़ने दिया। स्थिति विस्फोटक होने के बाद कार्रवाई की बात कही गई। हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, बिथरीचैनपुर विधायक
भाजपाइयों पर पथराव के पांच आरोपी गिरफ्तार
नवाबगंज में मतदान के दौरान बवाल का मामला
कार्यकर्ताओं ने बंद कराया बाजार, भाजपा विधायकों ने खुलवाया
नवाबगंज। फर्जी आधार कार्ड के जरिये मतदान का विरोध करने पर हुए भाजपा और बसपा समर्थकों के बीच बवाल, पथराव और थाने में तोड़फोड़ के दूसरे दिन भी क्षेत्र में तनाव बरकरार रहा। एसपी (क्राइम) रमेश भारतीय बवाल के बाद से नवाबगंज में ही डेरा डाले है। बसपा प्रत्याशी शहला और उनके पति ताहिर की गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस ने फजीहत से बचने के लिए गुरुवार को पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर ने शहला और उनके पति की जल्द गिरफ्तारी न होने पर धरना-प्रदर्शन की धमकी दी है। इस बीच व्यापार मंडल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार बंद कराया, लेकिन विधायकों के समझाने के बाद खोल दिया गया।
मतदान में बसपा प्रत्याशी पर फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाकर भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन पर बसपा प्रत्याशी की मदद करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद बसपा समर्थकों ने स्टैंडर्ड मॉरल स्कूल के बूथ पर फर्जी वोटिंग का विरोध कर रहे भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों पर पथराव कर दिया था। इसमें एक कार्यकर्ता के घायल होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े भाजपाइयों ने नारेबाजी करते हुए थाने में एसपी (क्राइम) और एडीएम (एफआर) का घेराव किया था। इस पर आरएएफ ने भाजपाइयों पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे स्थिति विस्फोटक हो गई थी। थाने में भाजपाई और पुलिस आमने-सामने आ गए। भाजपाइयों ने पुलिस पर पथराव करके हंगामा किया। देर रात बसपा नेता और निवर्तमान चेयरमैन शहला ताहिर सहित 78 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने इनमें से मोहम्मद फारूख, सलीम ड्राइवर, आसिफ, नजमुल हुसैन और मोहम्मद दानिश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैै।
तनाव के बीच होगी मतगणना, छावनी बना नवाबगंज
बवाल के बाद प्रशासन मतगणना को लेकर पूरी तरह सजग है। आईजी एसके भगत, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी जोगेंद्र सिंह ने कई अफसरों के साथ मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। शाम को मतगणना स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद एसडीएम राजेश कुमार, सीओ गिरीश कुमार सिंह के साथ मतगणना को लेकर लंबी वार्ता की। मतगणना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएससी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात किया गया है।