BJP councilor confronted in front of mayor in executive meeting
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में एक दुकान के मामले में भाजपा के दो पार्षद आपस में ही भिड़ गए। खूब हंगामा हुआ। मेयर का पूरा कमरा तेज आवाज से गूंज उठा। दोनों पार्षदाें की बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आते- आते बची। मेयर डॉ. आईएस तोमर भी दोनों को शांत कराते रहेे लेकिन किसी ने एक न सुनी। मामला इतना बढ़ गया कि कुछ महिला पार्षदों को बैठक छोड़कर जाना पड़ा। सपा पार्षदों ने दोनों के बीच झगड़ा शांत कराया। मेयर ने बैठक स्थगित करके आठ जून को दोबारा से कार्यकारिणी बुलाई है।
कार्यकारिणी बैठक में कुतुबखाना स्थित दो दुकानाें के प्रस्तावाें पर चर्चा होनी थी। एक दुकान पर कब्जा देना था जबकि दूसरे की कंपाउडिंग की जानी थी। जैसे ही मेयर डॉ. आईएस तोमर ने प्रस्ताव पढ़ा पार्षद कपिल कांत ने आपत्ति दर्ज करा दी। बोले कि जब नगर आयुक्त की ओर से दुकान को सील कर दिया गया था तो दोबारा इसे क्यों खोला गया। इस पर मेयर ने अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह से इसका जवाब मांगा तो उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त ही सील करवा और खुलवा सकते हैं। कपिल कांत ने कहा कि बिना अनुमति के दुकान की मरम्मत तक नहीं हो सकती। क पिल कांत ने कहा कि कंपाउंडिंग कराने से दोषी दुकानदार को कोई सजा नहीं मिलेगी उस पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। इस पर विपुल लाला ने आपत्ति दर्ज कराई। विपुल लाला ने कहा कि जो मोशन आठ पार्षदाें द्वारा दिया गया है उसमें कपिल कांत का शामिल नहीं है। इस बात पर झगड़ा और बढ़ गया। कपिल कांत और विपुल लाला का झगड़ा इतना बढ़ा कि बैठक में मेज ठोकी गई और खूब शोर मचा। महिला कार्यकारिणी सदस्य बैठक छोड़कर जाने को मजबूर हो गई। मेयर ने दुकान के अलावा ठेका बहार फसल, फरवरी का लेखा जोखा, मुस्तफा जसौली कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल, रबड़ी टोला में नालियों की सफाई व्यवस्था संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा न हो पाने पर इसे अगली बैठक में रखने का फै सला किया। अगली कार्यकारिणी आठ जून को होगी। बैठक में उप सभापति ऊषा अरोड़ा, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह, सहायक नगर आयुक्त निशा मिश्रा, भाजपा पार्षद अनुपम चमन, रीना, रचना मेहरोत्रा, सपा से अब्दुल कय्यूम मुन्ना, रेहान अली, रूबी सलीम, गौरव सक्सेना व अन्य शामिल रहे।
यह है मामला
कुतुबखाना में अंकुर अरोरा, राधेश्याम अरोरा, डॉ. अजीत साहनी के दुकान के संबंध में मामला विवादित चल रहा है। दरअसल, अरोरा परिवार ने दुकान के बीच की दीवार तोड़कर इसे मिला लिया है और फर्श को भी तोड़ा गया। यह निगम की शर्तों का उल्लंघन है। इन दुकानाें को सील किया गया था। बाद में इसे खोल दिया गया। शिकायत पर यह मामला कार्यकारिणी में आया। वहीं दूसरा मामला महावीर सरन की दुकान का है। दुकान की दीवार को ऊंचा करके छत को पांच फिट ऊंचा उठाकर लिंटर डाल दिया गया है। इसे भी सील किया गया था जिसे बाद में खोल दिया गया। इस पर ही आपत्ति है।