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सपा से गठबंधन होने पर बिथरी सीट प्रसपा के खाते में जाने की संभावना

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Neta Ji - फोटो : iStock
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बिथरी चैनपुर सीट से वीरपाल सिंह यादव को प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं शिवपाल सिंह यादव
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बरेली। समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन का रास्ता साफ होने के बाद जिले की बिथरी चैनपुर सीट के प्रसपा के खाते में जाने के कयास लगाए जाने लगे हैं। दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की बृहस्पतिवार को मुलाकात हुई। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर गठबंधन का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को निरंतर मजबूत कर रही है।
प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव 27 अक्तूबर को सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा लेकर बरेली पहुंचे थे। शाम के समय नरियावल में उन्हाेंने जनसभा को संबोधित किया था। उसी दौरान मंच से उन्होंने प्रसपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव वीरपाल सिंह यादव को बिथरी चैनपुर सीट से पार्टी प्रत्याशी घोषित किया था। अब जब प्रसपा और सपा के गठनबंधन का एलान हो गया है तो माना जा रहा है कि प्रदेश में चाहे जितनी सीटों पर सपा-प्रसपा के बीच सहमति बने लेकिन बिथरी चैनपुर सीट प्रसपा के ही खाते में जाएगी। वीरपाल सिंह यादव को शिवपाल सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता है।
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प्रसपा बनने के बाद वह सपा छोड़कर शिवपाल सिंह यादव के साथ आ गए और संगठन को मजबूत करने में उनकी मदद की। उन्हें पार्टी में तीसरे नंबर की हैसियत पर रखा गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बाद राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव और तीसरे नंबर की हैसियत पर उन्हें रखते हुए राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव का पद दिया गया है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव के हिस्से में जो भी सीटें आएंगी, उसमें वह वीरपाल यादव को जरूर चुनाव लड़ाएंगे और वीरपाल यादव बिथरी चैनपुर सीट को छोड़ना नहीं चाहेंगे। इसकी मुख्य वजह मुस्लिम-यादव समीकरण है। बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 4.15 लाख वोटर हैं। इनमें मुस्लिम वोटों की संख्या करीब 1.30 लाख है। करीब 35 हजार यादव मतदाता हैं।
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वीरपाल 26 साल रहे सपा जिलाध्यक्ष
पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव सपा के 26 साल तक जिलाध्यक्ष रहे। चार अक्तूबर, 1992 को पार्टी के गठन के बाद से ही वह करीब 26 वर्ष लगातार जिलाध्यक्ष बने रहे हैं। वर्ष 2002 में बिथरी चैनपुर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन करीब एक हजार वोटों से हार गए। इसके बाद वर्ष 2017 के चुनाव में 76 हजार 886 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे।
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