फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्ड फ्लू: सीएआरआई के पक्षियों की ढाल बनेंगे शेड पर लगे रिफ्लेक्टर

विज्ञापन
पोल्ट्री फार्म। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

संस्थान के शेड के चारों तरफ लगाए गए रिफ्लेक्टर, निगरानी भी शुरू
विज्ञापन

हजारों पक्षियों को संक्रमित होने से बचाने को उठाए कई और कदम

बरेली। बर्ड फ्लू का खतरा देखते हुए केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान यानी सीएआरआई अलर्ट हो गया है। संस्थान के शेड में मौजूद हजारों पक्षियों को बचाने के लिए उनके शेड पर रिफ्लेक्टर लगाने के साथ सीएआरआई ने कई और उपाय किए हैं ताकि बाहर के पक्षी सीएआरआई में न घुस पाएं। इसके अलावा संस्थान के अंदर जहां पक्षियों का रखा जाता है, उसके आसपास सभी रास्तों पर पेड़ों की टहनियों को भी छांटा जा रहा है। सीएआरआई प्रशासन के मुताबिक संस्थान में अभी बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं है फिर भी संक्रमण को रोकने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
सीएआरआई में विभिन्न प्रजाति के करीब 40 हजार पक्षी है। इनमें से कई प्रजाति दुर्लभ हैं। तमाम नई प्रजाति शोध के बाद संस्थान में ही तैयार की गई हैं। इन्हें बर्ड फ्लू से बचाने की चुनौती है। संस्थान ने इन पक्षियों के शेड के चारों ओर रिफ्लेक्टर लगा दिया है ताकि बाहर से कोई पक्षी अंदर शेड में इन पक्षियों के पास न पहुंच सके। इसके अलावा शेड के आसपास सभी रास्तों पर पेड़ों को भी कटवाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन पेड़ों पर बैठने वाले पक्षियों का अवशिष्ट सड़क पर फैलने के बाद लोगों के पैरों में लगकर संस्थान के अंदर पक्षियों के शेड तक पहुंच सकता है। इससे भी उनके संक्रमित होने का खतरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा संस्थान में पक्षियों के शेड के पास अति आवश्यक सेवा में लगे कर्मचारियों को ही जाने की इजाजत दी जा रही है। पक्षियों के मांस की बिक्री के लिए काउंटर को संस्थान के परिसर से बाहर पीलीभीत रोड पर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है।

बर्ड फ्लू का अभी कोई केस सामने नहीं आया है लेकिन सीएआरआई इसे लेकर पूरी तरह से सजग है। निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय टीम भी बना दी गई है। -डॉ. संजीव कुमार, निदेशक, सीएआरआई

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें