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कोरोना: जिला अस्पताल में रोज होगी एक हजार सैंपल की जांच

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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आईवीआरआई से लाकर बीएसएल-2 लैब में लगाए जा रहे हैं उपकरण
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स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच की तादाद बढ़ाने की कवायद
ऑटोमैटिक आरएनए डिस्ट्रैक्टर समेत और उपकरण भी लगेंगे

बरेली। कोरोना सैंपल की जांच को लेकर चल रहे असमंजस के बीच अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल की बायो सेफ्टी लैब (बीएसएल-2) में जांच की संख्या बढ़ाने की कसरत शुरू कर दी है। आईवीआरआई की लैब में लगे उपकरणों को जिला अस्पताल की लैब में स्थापित कराया जाने लगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने लैब की क्षमता रोज एक हजार से भी ज्यादा जांच की हो जाएगी। इससे अनावश्यक दौड़भाग कम होने के साथ भावी चुनौतियों के लिए तैयार रहने में भी मदद मिलेगी।
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बर्ड फ्लू की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईवीआरआई में चल रही कोरोना सैंपल की जांच फिलहाल बंद कराने के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं। इसके बाद जिलाधिकारी नितीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को कोरोना जांच के लिए सैंपल आईवीआरआई के बजाय जिला अस्पताल की बीएसएल-2 यानी बायो सेफ्टी लैब और लखनऊ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भेजने के निर्देश दिए हैं। दो दिन से आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल के साथ लखनऊ भेजे जा रहे हैं। हालांकि इस कवायद में सैंपल के डिस्ट्रैक्ट होने के साथ जांच रिपोर्ट मिलने में भी देरी होने की आशंका है, साथ ही सैंपल को सुरक्षित पहुंचाने में बेवजह दौड़भाग भी करनी पड़ रही है। डिस्ट्रैक्ट सैंपल की रीसैंपलिंग कर वापस जांच को भेजना भी काफी मुश्किल है। इन दिक्कतों से निजात पाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में जांच की क्षमत बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है।

ऑटोमेटेड आरएनए डिस्ट्रैक्टर से बढ़ेगी सैंपलों की जांच की तादाद

आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक आईवीआरआई में जांच बंद होने से सैंपल को सुरक्षित लखनऊ भेजने के साथ कई और चुनौतियां भी हैं। इसे देखते अब सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग के निर्देश पर आईवीआरआई की लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए लगे उपकरणों को जिला अस्पताल की लैब में लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑटोमेटेड आरएनए डिस्ट्रैक्टर स्थापित होने के बाद तेजी से सैंपल की जांच करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि मशीन लगने के बाद जिला अस्पताल की लैब में प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा सैंपल की जांच हो सकेगी।

नोडल अफसर ने दिए थे निर्देश मगर नहीं बढ़ सकी थी जांच

अगस्त में बीएसएल-2 लैब का अपर मुख्य सचिव और बरेली के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने औपचारिक शुभारंभ किया था। उन्होंने लैब में रोड सौ जांच करने का लक्ष्य दिया था मगर करीब महीने भर तक लैब की क्षमता 50 जांच से ज्यादा नहीं बढ़ पाई। इसके बाद प्रतिदिन समीक्षा के दौरान जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए जाते रहे मगर तत्कालीन सीएमओ स्टाफ और उपकरणों की कमी बताते रहे और कोई ठोस पहल नहीं की। अब नए सीएमओ की पहल के बाद बगैर किसी सहयोग के एक हजार जांच हो सकेंगी।

कोविड के सैंपल जांच के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजे जा रहे हैं। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब है। इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए आईवीआरआई की लैब से कुछ उपकरण मंगाए जाएंगे ताकि अधिक संख्या में सैंपल की जांच जिले में ही हो सके। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ

आईटीबीपी जवान समेत 25 लोग संक्रमित

आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और एंटीजन के करीब ढाई हजार सैंपल की जांच में रविवार को 25 लोग संक्रमित मिले हैं। आईडीएसपी टीम से जारी सूची में आईटीबीपी का एक जवान फिर संक्रमित मिला है। गांधी नगर में 10 वर्षीय बच्ची समेत तीन संक्रमित हैं। इसके अलावा कुल्चा में दो, खिरका, तिलियापुर, पनवडिया, हरदासपुर, आशीष रॉयल पार्क, मंडल विहार, संजय नगर, सूफी टोला, महानगर, बिहारीपुर कारोलान, रिठौरा, सकरपुर, हिम्मतपुर, खलपुर, अभयराजपुर दलेलनगर, चकरपुर, मिर्जापुर में एक-एक संक्रमित मिले हैं। इनके संपर्क में आने वाले ट्रेस किए जा रहे हैं। ब्यूरो
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