बरेली। नगर निगम अब नए साफ्टवेयर से गृह कर के बिल जारी करेगा। साथ ही, वर्ष 2023-24 के कर में संशोधन भी किया जाएगा। आगरा की एजेंसी से करार समाप्त होने के बाद जीआईएस सर्वे के आंकड़ों से नए खाते को जोड़ने का काम भी शुरू हो गया है। नए करदाता जुड़ने से निगम की आय भी बढ़ेगी।
एक जून से प्रॉपर्टी के मालिकों को गृहकर के संशोधित बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जीआईएस सर्वे और निगम के आंकड़ों के मिलान के बाद नये बिल तैयार किए जा रहे हैं। जिनके बिल में गड़बड़ी है, उन्हें ब्याज की अदायगी भी नहीं करनी होगी। नगर निगम में अभी 1.45 लाख करदाता हैं। जीआईएस सर्वे के बाद यह संख्या 2.25 लाख के पार पहुंच गई है। इनकी लिस्ट भी तैयार कर ली गई है। नए सिस्टम के तहत इनके गृह कर के बिल तैयार किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था वर्ष 2028 तक लागू रहेगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि नगर निगम की सीमा में बने आवासीय और व्यावसायिक भवनों के आकार का सर्वे पूरा हो चुका है। क्षेत्रफल और मंजिलों की संख्या के मुताबिक ही टैक्स लगाया जाएगा। इससे संशोधन की गुंजाइश काफी हद तक खत्म हो जाएगी। जून के पहले सप्ताह से नए और पुराने करदाताओं को गृह कर के बिल भेजे जाएंगे। यदि करदाताओं को मकान के स्वरूप के मुताबिक बिल ज्यादा लग रहा है तो वे आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं।