बरेली। नगर निगम में नए साॅफ्टवेयर (प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम) से बिल जारी होने शुरू हो गए हैं। अब निगम का कर विभाग जीआईएस सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक क्षेत्रफल और ऊंचाई के आधार पर भवनों की सूची तैयार कर रहा है। इससे करीब 60 हजार लोग पहली बार निगम को गृह कर अदा करेंगे।
नई व्यवस्था के तहत करदाताओं को संशोधित बिल घर तक भेजने की कवायद शनिवार से शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा वेबसाइट को भी चालू कर दिया है। नगर निगम सीमा के कितने भवन आवासीय या व्यावसायिक है और उनका आकार कितना है, इसका सर्वे भी पूरा हो चुका है।
इस प्रक्रिया में करीब 25 हजार ऐसे भवन हैं, जिनके कर में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने डाटा फीडिंग शुरू कर टैक्स बिलों को रिवाइज कर रहा है। इनमें ऐसे भवन शामिल हैं, जिनको जीआईएस सर्वे के बाद बीते वित्तीय वर्ष में टैक्स का बिल पहुंचा था और आपत्तियां जताई गई थीं। अधिकारियों के मुताबिक इसकी भी 90 प्रतिशत डाटा फीडिंग पूरी हो चुकी है। एक सप्ताह में रिवाइज बिल भी घरों तक पहुंचने लगेंगे।
पुराने व नये करदाताओं को बिल जारी होने लगे हैं। इस सप्ताह में ही टैक्स रिवाइज करने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। किसी को आपत्ति करनी है तो वह निगम में आकर कर सकता है। - प्रदीप कुमार मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी