बरेली। किला थाने में बवाल की वजह बना बिलाल घोसी आठवीं फेल होने के बाद भी खुद को दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र बताता है। सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह सांप्रदायिक सोच रखने वाला इंसान है। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या से पहले बिलाल ने उनको लेकर आपत्तिजनक पोस्ट भी की थी।
बिलाल घोसी पहले भी कई कारनामे कर चुका है मगर पुलिस रिकॉर्ड से बचता ही रहा। खुद को दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र और शिकारी बताने वाला आठवीं फेल बिलाल इस तरह स्टाइल में रहता है कि लोग उसे काफी पढ़ा लिखा और हाईक्लास सोसायटी से जुड़ा मान लेते हैं। लड़कियां भी बिलाल के इसी स्टाइल से उसके झांसे में आ जाती थीं।
बिलाल काफी पहले से सोशल साइट्स पर सक्रिय था। पहले भी वह सोशल साइट्स के प्रोफाइल फोटो पर अपने टीका लगी फर्जी तस्वीर इस्तेमाल करता था। लखनऊ के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या से पहले बिलाल ने उन्हें लेकर आपत्तिजनक पोस्ट की थी और उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर फांसी देने की मांग की थी। बिलाल के दो पुराने वीडियो भी वायरल हुए हैं। एक वीडियो में बिलाल अपने दोस्तों के साथ नैनीताल में कार से घूम रहा है और धूम्रपान कर रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में बिलाल और उसका दोस्त शिवम शर्मा नशे में धुत्त होकर कार से घूम रहे हैं। दोनों वीडियो काफी पुराने हैं। बिलाल का फेसबुक पर लास्ट अपडेट नौ सितंबर का है जिसमें उसने स्टाइल में अपना फोटो शेयर किया है।
बिलाल के साथी भी करा सकते हैं बवाल
बिलाल देर रात तक शहर की सड़कों पर कार और बाइक से लड़कों को साथ लेकर घूमता था और हुड़दंग मचाता था। बिलाल के कुछ साथी भी उसी के रास्ते पर हैं। वह भी टारगेट बनाकर लड़कियों को आकर्षित करते हैं। बिलाल के कुछ दोस्त कोरियोग्राफर और मॉडलिंग करते हैं जिनमें दूसरे समुदाय की लड़कियों को भी शामिल किया जाता है। बिलाल का एक दोस्त कोरियोग्राफर है जो दूसरे समुदाय की लड़कियों के साथ टिकटॉक पर वीडियो डालता था। कई साथी डांसिंग और मॉडलिंग के नाम पर लड़कियों को बरगलाते हैं।
पकड़े जाएंगे छद्म वेश रखकर वारदात करने वाले: एडीजी
बरेली। माथे पर टीका और हाथ में कलावा बांधकर टारगेट के तहत युवतियों को बहलाने-फुसलाने के मामलों के सामने आने के बाद अब पुलिस इस पर कड़ा रुख अख्तियार करने जा रही है। किला प्रकरण के बाद संघ के पदाधिकारियों की डीआईजी से मुलाकात के बाद अधिकारी इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्ती की जाएगी। लेकिन जरूरी है कि लोग शिकायत करें। आरोपी बिलाल के माथे पर टीका लगा होने का फोटो वायरल होने के बारे में उन्होंने कहा कि इस मामले में स्थानीय लोगों की भी चूक रही। वहां के रहने वालों को इस बारे में पता होगा। किसी को कोई वेश धारण करने से रोका तो नहीं जा सकता, मगर उसका इरादा गलत है तो निश्चित ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल, धार्मिक स्थलों के आस पास पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संघ के कार्यवाह सुरेश कुमार का कहना है कि उन्होंने डीआईजी और एसएसपी से इस बारे में बात की थी। उसी के बाद यह निर्णय लिया गया है।
बिलाल के दोस्तों के घरवाले बोले- हमारे बेकसूर बेटों को पुलिस से छुड़ाइए
बरेली। बिलाल के परिचितों और दोस्तों को पुलिस ने शहर के अलग-अलग थानों में बैठा रखा है। इनमें से दो के परिजन शुक्रवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एसएसपी को पत्र देकर अपने बेटों को रिहा कराने की मांग की। कहा कि उनके बेटों का बिलाल से कोई मतलब नहीं है। सबका हक़ आर्गेनाईजेशन के कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष राफिया शबनम के नेतृत्व में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से शुक्रवार दोपहर किला निवासी शहजादे व उनके परिवार ने मुलाकात की। बताया कि उनके बेटों शौकीन, लियाकत, मुन्ना, अरमान व फरमान को एक लड़की ले जाने के मामले में आरोपी बिलाल की मदद करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया है। जबकि उनके बेटे न तो नामजद आरोपी हैं और न ही उनका बिलाल से कोई मतलब है। एसएसपी से शहजादे ने बेटों को रिहा करने की मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।