फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: 'बिहार में समय पर और शांतिपूर्ण तरीके से होंगे चुनाव', बरेली में बोले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद

Tue, 09 Sep 2025 07:42 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद मंगलवार को बरेली पहुंचे। वह रोटरी क्लब ऑफ बरेली के रोटरी समागम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। बिहार चुनाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिहार में समय पर, सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव होंगे। 
विज्ञापन
बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दशकों घुसपैठ हुई जब मंसूबे नाकाम हुए तो अराजकता करने लगे। हालांकि जो लोग इसमें लिप्त हैं वो बचेंगे नहीं। घाटी में सघन निगरानी और सतर्कता जरूरी है। बिहार के राज्यपाल बुधवार को रोटरी क्लब ऑफ बरेली के रोटरी समागम कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से वार्ता की। 

विज्ञापन


बिहार में शांतिपूर्ण तरीके से होंगे चुनाव- राज्यपाल
बिहार चुनाव के सवाल पर बोले कि राज्यपाल होने से वे राजनीतिक गठबंधनों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। राजनीतिक महागठबंधन हो या कोई और... राज्यपाल का कार्य सिर्फ संविधान और विधान के मुताबिक हो, इसकी निगरानी का है। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मर्यादा और लोकलाज पर जोर दिया। बिहार में चुनाव समय पर, सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से होंगे। 

विज्ञापन

अब कश्मीर में हालात सामान्य
जम्मू-कश्मीर में अशोक स्तंभ बना शिलापट्ट तोड़ने के मामले पर मोहम्मद आरिफ ने कहा कि अब कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। जिससे घुसपैठियों में निराशा पनप रही है। हताशा की हालत में जो कार्य होते हैं वैसा ही गुलबर्ग में हुआ। उनके मंसूबे नाकाम हो रहे हैं। इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ेगा। इसलिए सतर्कता बरकरार रखते हुए सघन निगरानी से प्रभावी अंकुश की उम्मीद है। 

लोकतंत्र में सभी को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता
राहुल गांधी के संविधान खतरे में वाले बयान पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहा कि मैं किसी एक नेता या गठबंधन पर टिप्पणी नहीं कर रहा। लोकतंत्र में कोई भी अपने विचार साझा कर सकता है, लेकिन कोई ऐसी बात कहना, जिससे जनता के मन में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति संदेह पैदा होता है, यह लोकतंत्र को कमजोर करता है। लोकतंत्र की आजादी का दुरुपयोग, सदुपयोग प्रत्येक व्यक्ति करता है। जनता तय करती है कि आचरण लोकतांत्रिक मर्यादा है या नहीं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें