'अलंकार की गतिविधियों की कराई जाए उच्चस्तरीय जांच'
पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें पता चला है कि व्हाट्सएप समूह एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जाति आधारित नेटवर्क तैयार किया गया। यह सभी तथ्य ये संकेत देते हैं कि एक संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारी ने सेवा, नियमों, प्रशासनिक मर्यादा तथा निष्पक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन किया है। उन लोगों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध तत्काल विभागीय जांच प्रारंभ हो और उनके कार्यकाल के दौरान की गई कथित जाति आधारित पक्षपात पूर्ण एवं समाज विभाजनकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
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पदाधिकारी ने यह भी कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो अलंकार अग्निहोत्री को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाए। यही नहीं अलंकार अग्निहोत्री की संपत्ति की भी जांच हो। इस मामले में कलक्ट्रेट में डीएम चेंबर में जनता दर्शन में सुनवाई कर रही एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें भीम आर्मी की तरफ से दिया गया ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे वह सक्षम स्तर पर कार्रवाई के लिए भेजेंगी।