बरेली। भारत बंद के आह्वान का बरेली में कुछ असर नहीं दिखा। कुछ मुस्लिम इलाकों में ही दुकानें बंद दिखाई दीं। सबसे ज्यादा असर सैलानी के बाजार में दिखा जहां करीब 90 फीसदी दुकानें बंद रहीं। इस दौरान पुलिस और खुफिया अमला पूरी तरह अलर्ट रहा।
सीएए और एनआरसी पर बहुजन क्रांति मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया था। मौलाना तौकीर रजा की आईएमसी समेत कुछ संगठनों ने इसके समर्थन की घोषणा की थी। बुधवार को मोर्चा के लोगों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क पर धरना दिया। इन लोगों की योजना कलक्ट्रेट जाकर ज्ञापन देने की भी थी मगर बाद में ये लोग धरनास्थल से ही लौट गए। शहर के कुछ मुस्लिम इलाकों में बंद का असर दिखा। सैलानी बाजार में करीब 90 फीसदी दुकानें बंद रहीं। इंद्रा मार्केट भी बंद रहा। बड़ा बाजार समेत कुछ और इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद रखीं। हालांकि कोई संगठन बाजार बंद कराने नहीं निकला न कहीं हंगामा और प्रदर्शन हुआ।
केंद्र सरकार पर अधिकार हनन का आरोप
धरने की अध्यक्षता कर रहे बहुजन क्रांति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार गौतम ने कहा कि सीएए और एनआरसी लोकतंत्र विरोधी हैं। देश के गरीब, पिछड़े और घुमंतू परिवारों पर ऐसे कागजात नहीं हैं जिनसे वे अपनी नागरिकता साबित कर सकें। मोर्चा के प्रदेश प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि इससे बड़ी आबादी देश में अल्पसंख्यक बन जाएगी। यहां मुुक्ति मोर्चा के मंडल प्रभारी मोहन सिंह, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष गुरजीत सिंह के साथ ही कई और संगठनों के करीब पचास लोग मौजूद थे।