भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने केसर चीनी मिल की ओर से गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने पर प्रदर्शन किया। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया और 11 मई से चीनी मिल परिसर में आमरण अनशन का एलान किया।
किसान पंचायत गन्ना समिति परिसर में आयोजित की गई थी। किसानों का आरोप है कि मिल प्रबंधन पिछले और वर्तमान सत्र का भुगतान लंबित रखे हुए है। प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह ने कहा कि क्षेत्र के किसानों के आर्थिक हालात जर्जर हैं। उन्होंने इसे आर-पार की लड़ाई बताया। तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता उर्फ खन्ना ने बताया कि मिल प्रबंधन ने बिक्री का फर्जी दावा किया था। उन्होंने गोरखपुर के एक बड़े समूह से सौदे की बात कही थी। यह सौदा मिल मालिकों के संपत्ति विवाद के कारण पहले ही रद्द हो चुका था।
प्रदेश सचिव धीरेंद्र राठी ने मिल प्रबंधन पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लीज की जमीन पर बाजार बनाकर बेचने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इससे मिल की नीयत पर सवाल उठते हैं। ज्ञापन देने वालों में जिला सचिव यामीन मलिक, युवा जिला उपाध्यक्ष करीम सैफी, तहसील सचिव राशिद खान आदि शामिल थे।