बरेली। बीएच सीरीज में वाहनों का पंजीकरण कराने को लेकर बीते तीन साल में शहरवासियों का रुझान चार गुना तक बढ़ा है। परिवहन विभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। वर्ष 2021 में यह व्यवस्था लागू हुई तो महज 28 शहरवासियों ने अपने वाहनों का पंजीकरण कराया। वर्ष 2022 में 70 तो 2023 में यह आंकड़ा 102 तक पहुंच गया। इस साल 30 जून तक 56 लोगों ने अपने वाहनों का पंजीकरण बीएच सीरीज में कराया है। इसमें पंजीकृत वाहनों को देश में कहीं भी चलाने की छूट रहती है। केंद्रीय सेवाओं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नौकरीपेशा लोगों के लिए यह काफी मुफीद माना जा रहा है।
बीएच सीरीज में दो साल के लिए वाहनों का पंजीकरण किया जाता है। दो साल बाद वाहन स्वामी चाहे तो अपनी गाड़ी का पंजीकरण यूपी सीरीज में भी करा सकता है। इसके अलावा, वह देश के किसी हिस्से में अगले दो साल के लिए पंजीकरण का नवीनीकरण भी करा सकता है। जिले में बीएच सीरीज के दो साल पुराने 12 वाहनों के पंजीकरण का अगले दो साल के लिए नवीनीकरण भी कराया गया है।
ये हैं फायदे
अखिल भारतीय राजकीय सेवाओं में सेवारत लोगों का तबादला एक से दूसरे राज्य में होता रहता है। एक से दूसरे राज्य में जाने पर बीएच नंबर प्लेट को बदलने की जरूरत नहीं होती, जबकि सामान्य नंबर प्लेट के वाहन को दूसरे राज्य में छह माह तक ही चला सकते छैं। इसके बाद वाहन को दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर कराना जरूरी होता है। बीएच सीरीज वाले वाहन को देश के किसी भी हिस्से में बेरोकटोक चला सकते हैं।
इतना होता है खर्च10 लाख रुपये से कम कीमत के वाहनों के बीएच सीरीज में पंजीकरण के लिए आठ फीसदी शुल्क देना होता है। 10-20 लाख रुपये तक के वाहनों के लिए 10 और 20 लाख रुपये से महंगे वाहनों के बीएच सीरीज रजिस्ट्रेशन के लिए वाहन की कीमत का 12 फीसदी तक शुल्क देना होता है। संवाद
बीएच सीरीज वाहनों के पंजीकरण की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिले में 250 से ज्यादा निजी वाहन बीएच सीरीज में पंजीकृत हो चुके हैं। - मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन