फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: होलिका में आग लगाने से पहले पेट की आग से झुलसते मजदूर ने दी जान; होली के सामान और कपड़ों के लिए न थे रुपये

Mon, 02 Mar 2026 10:18 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, हाफिजगंज (बरेली)

सार

गांव मटकुला के दीपांकर मिश्रा ने तंगी के कारण आत्महत्या कर ली। ठेकेदार ने उनकी मजदूरी के ढाई लाख रुपये हड़प लिए थे। पुलिस शिकायत भी बेअसर रही। सुसाइड नोट में कर्ज और पत्नी से झगड़े का जिक्र है।
विज्ञापन
आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने दी जान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के बरेली जिले के गांव मटकुला की होलिका में हर साल आग लगाने वाले दीपांकर मिश्रा ने इस बार तंगी की वजह से त्योहार से पहले ही गांव के बाहर एक पेड़ से लटककर जान दे दी। दरअसल, आंध्र प्रदेश में की गई मजदूरी ठेकेदार ने हड़प ली थी, पुलिस से की शिकायत भी बेअसर रही। ठेकेदार ने त्योहार पर पांच हजार रुपये देने का वादा किया, लेकिन पूरा नहीं किया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

विज्ञापन

गांव मटकुला निवासी वीना देवी ने बताया कि उनके पति 28 वर्षीय दीपांकर मिश्रा मजदूरी करते थे। वह गांव की होलिका में आग भी लगाते थे। पिछले माह ठेकेदार के कहने पर गांव के चार अन्य लोगों के साथ वह मजदूरी करने आंध्र प्रदेश गए थे। वहां काम करने के दौरान जब उन्होंने संबंधित कंपनी के मालिक से रुपये मांगे तो उसने साफ इन्कार कर दिया। बताया कि जो ठेकेदार तुम लोगों को लेकर आया है, वह मार्च तक काम कराने का ढाई लाख रुपये भुगतान ले गया है। दीपांकर समेत अन्य मजदूरों ने ठेकेदार से बात की, लेकिन उसने टालमटोल कर दी।

इसके बाद सभी मजदूर कंपनी मालिक की खुशामद कर वहां से लौट आए। इन सभी ने 24 फरवरी को हाफिजगंज थाने में तहरीर देकर ठेकेदार पर कार्रवाई और अपनी मजदूरी दिलाने की मांग की। दीपांकर मिश्रा ने 28 फरवरी को जनसुनवाई पोर्टल पर भी ठेकेदार की शिकायत की थी। इधर, पत्नी के कहने पर होली के सामान व कपड़ों के लिए दीपांकर ने फिर ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने भरोसा दिया कि पांच हजार रुपये उनके खाते में डाल रहा है।

दीपांकर रुपये निकालने के लिए जनसेवा केंद्र हरहरपुर मटकली पहुंचे। वहां काफी इंतजार किया। शाम तक रुपये नहीं पड़े तो वह परेशान हो गए। घर लौटते समय रास्ते में चकरोड किनारे लगे जामुन के पेड़ से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। जब लोगों ने उसके शव को लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

सुसाइड नोट में पत्नी पर भी आरोप
पुलिस को शव के पास से मिले सुसाइड नोट में टूटी-फूटी हिंदी में दीपांकर ने लिखा है ठेकेदार उसे रुपये नहीं दे रहा है। गांववालों और दुकान के सामान का करीब 30 हजार रुपये उस पर कर्ज हो गया है। वह काफी परेशान है। उसने पत्नी के साथ झगड़े का भी जिक्र किया है। लिखा है कि पत्नी भी उसे दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी दे रही है। उसने लिखा है कि उसके बच्चों को परेशान न किया जाए। 
विज्ञापन

मजदूरों ने पोर्टल पर ठेकेदार की शिकायत की थी, जिसकी जांच चल रही थी। सुसाइड नोट में ठेकेदार के साथ ही पत्नी पर भी आरोप लगाए गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें