गांव मटकुला निवासी वीना देवी ने बताया कि उनके पति 28 वर्षीय दीपांकर मिश्रा मजदूरी करते थे। वह गांव की होलिका में आग भी लगाते थे। पिछले माह ठेकेदार के कहने पर गांव के चार अन्य लोगों के साथ वह मजदूरी करने आंध्र प्रदेश गए थे। वहां काम करने के दौरान जब उन्होंने संबंधित कंपनी के मालिक से रुपये मांगे तो उसने साफ इन्कार कर दिया। बताया कि जो ठेकेदार तुम लोगों को लेकर आया है, वह मार्च तक काम कराने का ढाई लाख रुपये भुगतान ले गया है। दीपांकर समेत अन्य मजदूरों ने ठेकेदार से बात की, लेकिन उसने टालमटोल कर दी।
इसके बाद सभी मजदूर कंपनी मालिक की खुशामद कर वहां से लौट आए। इन सभी ने 24 फरवरी को हाफिजगंज थाने में तहरीर देकर ठेकेदार पर कार्रवाई और अपनी मजदूरी दिलाने की मांग की। दीपांकर मिश्रा ने 28 फरवरी को जनसुनवाई पोर्टल पर भी ठेकेदार की शिकायत की थी। इधर, पत्नी के कहने पर होली के सामान व कपड़ों के लिए दीपांकर ने फिर ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने भरोसा दिया कि पांच हजार रुपये उनके खाते में डाल रहा है।
दीपांकर रुपये निकालने के लिए जनसेवा केंद्र हरहरपुर मटकली पहुंचे। वहां काफी इंतजार किया। शाम तक रुपये नहीं पड़े तो वह परेशान हो गए। घर लौटते समय रास्ते में चकरोड किनारे लगे जामुन के पेड़ से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। जब लोगों ने उसके शव को लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
सुसाइड नोट में पत्नी पर भी आरोप
पुलिस को शव के पास से मिले सुसाइड नोट में टूटी-फूटी हिंदी में दीपांकर ने लिखा है ठेकेदार उसे रुपये नहीं दे रहा है। गांववालों और दुकान के सामान का करीब 30 हजार रुपये उस पर कर्ज हो गया है। वह काफी परेशान है। उसने पत्नी के साथ झगड़े का भी जिक्र किया है। लिखा है कि पत्नी भी उसे दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी दे रही है। उसने लिखा है कि उसके बच्चों को परेशान न किया जाए।
मजदूरों ने पोर्टल पर ठेकेदार की शिकायत की थी, जिसकी जांच चल रही थी। सुसाइड नोट में ठेकेदार के साथ ही पत्नी पर भी आरोप लगाए गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी