एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बीएड विभाग के छात्रों ने ज्यादा फीस लिए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को हंगामा किया। छात्रों का कहना था कि कैंपस को एडेड कैटेगरी में बताया गया था लेकिन पहले तो एडमिशन फीस निजी कॉलेजों के बराबर ली गई, अब परीक्षा फीस भी तीन गुना ली जा रही है। गुस्साए छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर फीस कम करने की मांग की।
काउंसलिंग के समय वेबसाइट पर विश्वविद्यालय कैंपस को एडेड कॉलेज की कैटेगरी में दिखाया गया था। छात्रों ने निजी कॉलेजों से फीस कम होने के चलते यहां प्रवेश ले लिए। पांच हजार काउंसलिंग फीस और बाद में 25 हजार एडमिशन फीस जमा कराई गई।
अब परीक्षा फीस की बारी आई तो 1920 की फीस फिर लगा दी गई। इसी बात को लेकर छात्रों में गुस्सा था। एडेड और राजकीय कॉलेजों में बीएड की फीस चार पांच हजार तक ही होती है और उनसे परीक्षा फीस भी अलग से नहीं ली जाती। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय में मोटी फीस लेने के अलावा परीक्षा फीस भी ज्यादा ले ली गई। छात्र प्रिंस सिंह, अभिषेक राय, हिमांशु, सौरभ आदि का कहना था कि अगर पता होता तो यहां प्रवेश नहीं लेते। जब इतनी फीस ही देनी थी तो प्राइवेट कॉलेज में ही प्रवेश लेते। छात्रों कहा कि अगर फीस कम नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। विश्वविद्यालय छात्रों को भ्रमित न करें और वेबसाइट से एडेड का टैग हटा दें तथा अपनी फीस ओपन करें ताकि छात्र भ्रम में न रहें। वहीं परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार का कहना था कि फीस निर्धारित करना वित्त समिति का कार्य है। उसमें वह कुछ नहीं कर सकते।