आगे दूसरी कार में चल रहा भाई लगातार फोन पर रास्ता साफ होने की देता रहा खबर
बरेली। विनीता उर्फ बिंदु ने अपने शिक्षक पति अवधेश कुमार की हत्या कराने से लेकर उनकी लाश ठिकाने लगाने तक क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पेशेवर अपराधियों से भी ज्यादा दुस्साहस दिखाते हुए उसने खुद अपनी गाड़ी में लाश फिरोजाबाद तक ले जाने का फैसला लिया। साढ़े चार घंटे के इस सफर में अवधेश की लाश पिछली सीट पर पड़ी रही और कुछ किलोमीटर आगे दूसरी गाड़ी में चल रहा उसका भाई लगातार मोबाइल पर उसके संपर्क में रहा ताकि कोई खतरा होने पर फौरन उसे आगाह कर सके।
मूलरूप से फिरोजाबाद के नारखा थाना क्षेत्र के गांव भीतरी निवासी अवधेश यहां सहोड़ा में कुंवर ढाकन लाल इंटर कॉलेज में हिंदी प्रवक्ता थे। 12 अक्तूबर को उनकी पत्नी विनीता उर्फ बिंदु ने अपने मायके वालों की मदद से एक हिस्ट्रीशीटर को पांच लाख रुपये में सुपारी देकर कर्मचारी नगर स्थित अपने घर में ही उनकी हत्या करा दी थी और फिर लाश को फिरोजाबाद ले जाकर नारखी इलाके के एक खेत में दफन कर दिया था। हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को इज्जतनगर पुलिस ने फिरोजाबाद से लाश बरामद कर हत्याकांड का खुलासा किया। विनीता मायके वालों के साथ अपने सात वर्षीय बेटे को लेकर अब तक फरार है। इज्जतनगर पुलिस उसकी तलाश में लगातार फिरोजाबाद के कस्बों और गांवों में दबिश दे रही है। विनीता के कई करीबी रिश्तेदार भी गायब हो गए हैं।
इस बीच पुलिस की छानबीन में कई और हैरतअंगेज तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अवधेश की घर में हत्या के बाद उनकी लाश ठिकाने लगाने के लिए विनीता खुद उसे अपने साथ गाड़ी में फिरोजाबाद तक ले गई थी। लाल रंग की यह टीयूवी गाड़ी विनीता के भाई प्रदीप की थी जो अक्सर उसी के पास रहती थी। अवधेश की लाश गाड़ी की पिछली सीट पर पड़ी रही जबकि विनीता खुद आगे बैठी थी। उसका भाई और मायके के दूसरे लोग एक ऑल्टो गाड़ी में उससे कुछ किलोमीटर आगे चल रहे थे ताकि कहीं पुलिस पिकेट दिखे या चेकिंग हो तो फौरन पीछे लाश लेकर आ रही विनीता को खबर की जा सके। करीब साढ़े चार घंटे के इस सफर में विनीता का मोबाइल फोन लगातार भाई के साथ कॉल पर कनेक्ट रहा। बीच में सिर्फ एक बार कॉल टूटी लेकिन तुरंत ही फिर कनेक्ट हो गई।
प्रवक्ता की हत्या में तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है। पत्नी व रिश्तेदारों की गिरफ्तारी से और भी राज खुल सकते हैं। बरेली पुलिस फिरोजाबाद के अधिकारियों के सहयोग से दबिशें दे रही है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
सीधे-सादे थे अवधेश.. विनीता को अच्छे लगते थे रईस लोग
बरेली। विनीता उर्फ बिंदु की सीधे-सादे मिजाज के शिक्षक पति अवधेश से कभी पटरी नहीं खाई। वह चमक-दमक भरी जिंदगी जीने की शौकीन थी और इसके लिए इतनी रईस बनना चाहती थी कि जी भरके पैसे खर्च कर सके। इसीलिए पहले घर पर ही रिलैक्स जोन नाम से ब्यूटी पार्लर खोला औफिर अपने भाई के साथ एक नेटवर्किंग कंपनी भी ज्वाइन कर ली और बरेली में उसका काम शुरू किया। कुछ ही समय में उसने कई रईसों संपर्क बना लिए। उसके ये अवधेश के लिए सिरदर्द बन गए।
विनीता की उम्र अवधेश से 12 साल कम थी। उम्र के इस अंतर का असर उनके पारिवारिक जीवन पर भी दिखता था और विचारों पर भी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विनीता का भाई प्रदीप जादौन फिरोजाबाद की एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा था। उसी की मदद से विनीता और छोटी बहन ज्योति ने भी कंपनी की बरेली ब्रांच में काम शुरू कर दिया। शुरुआत अवधेश की बड़ी रकम कंपनी में निवेश कराने से हुई। एक साल पहले कंपनी ने विनीता को एक स्कूटी भी दे दी थी।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों के साथ कई बाहरी लोगों का भी विनीता के घर आना-जाना हो गया। कंपनी के ही आगरा निवासी एक अधिकारी से विनीता की नजदीकी हो गई। अवधेश को पता चला था कि उनके स्कूल जाने के बाद कंपनी के नाम पर कई लोग उनके घर आते-जाते हैं। आसपास के लोग भी इस आवाजाही से असहज थे।
पहले प्रेमी छोड़कर सरकारी नौकरी वाला चुना
आगरा के अंकित नाम के शख्स को विनीता का प्रेमी बताया जा रहा है। अंकित के बारे में पति अवधेश को भी पता चल गया था और उन्होंने गुस्सा भी जताया था। अवधेश के घरवालों का आरोप है कि विनीता से अंकित के संबंध शादी होने से पहले से ही थे। वह अंकित से शादी करना चाहती थी मगर अवधेश की सरकारी नौकरी के चक्कर में पिता ने उसकी उनसे शादी कर दी।
फेसबुक पर दोस्तों के साथ तस्वीरों की भरमार, पति का नाम तक नहीं
विनीता की कई युवकों से दोस्ती थी। विनीता फेसबुक पर अक्सर अपने अलग-अलग स्टाइल में फोटो डालती रहती थी और मार्केटिंग कंपनी से जोड़ने के लिए लोगों को अपना मोबाइल नंबर देती रहती थी। दस साल के दौरान विनीता ने पति के साथ अपना एक भी फोटो पोस्ट नहीं किया। अब उसके रिश्तेदार फेसबुक पर ही उसकी करतूतों का खुलासा कर उसे ताने दे रहे हैं।