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रहें सावधान: अभी पीक पर नहीं पहुंचा कोरोना संक्रमण

Wed, 16 Sep 2020 02:38 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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corona virus - फोटो : demo pic
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विशेषज्ञों के मुताबिक निर्धारित सैंपल में अलग-अलग दर्ज हुई संक्रमण की दर
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हर्ड इम्युनिटी बनी या नहीं.. दस दिन बाद चलेगा पता

बरेली। बीते दिनों कोरोना के तेजी से बढ़े मामले देखकर संक्रमण के पीक पर पहुंचने और हर्ड इम्युनिटी विकसित हो जाने का अंदाजा लगा रहे लोगों को सतर्क होने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक करीब छह माह से चल रहे कोरोना काल में क्रमश: एक पखवाड़ा में निर्धारित सैंपल में संक्रमितों की दर सामान्य दर्ज नहीं हुई है। उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। लिहाजा, कोरोना अभी पीक पर नहीं पहुंचा है मगर उसके बेहद नजदीक जरूर है। फिलहाल सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने से इंकार करते हुए विशेषज्ञों ने संक्रमण से बचाव के सभी संभव उपाय पूरी गंभीरता से अपनाने का सुझाव दिया है।
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कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में उतार चढाव पर नजर रखने वाले चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में स्थिरता जब तक दर्ज न हो उसे पीक पर नहीं माना जा सकता है। उनके मुताबिक निर्धारित सैंपल में करीब 15 दिन से ज्यादा अगर संक्रमितों की तादाद लगभग एक जैसी दर्ज हो तभी उसे पीक माना जा सकता है। यह स्थिति बरेली में अभी नहीं आई है। कोरोना पीक यानी उच्चतम स्तर पर नहीं बल्कि प्लेटो यानी मध्यम से कुछ ऊंचाई और सपाट स्तर पर दर्ज किया जा रहा है। यानी एक ऐसी स्थिति दर्ज हो रही है जिसे एहतियात बरतकर काबू किया जा सकता है। वहीं, अगर चूके तो कोरोना की चपेट में आने से बचना मुश्किल होगा। यह स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। लिहाजा, अनलॉक-4 शुरू होने के साथ ही, कोरोना भी अनलॉक है यह सोचकर ही घर से कदम बाहर निकालें। मास्क, सैनिटाइजर और दो गज दूरी को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

मृत्युदर घटी और रिकवरी दर बढ़ी

राष्ट्रीय संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल अग्रवाल के मुताबिक कोरोना संक्रमण के मामले पूर्व में तेजी से बढ़े, कुछ दिन तक कम हुए और अब फिर से बढ़ रहे हैं। बीते सात दिन से संख्या बढ़ रही है अगले सात से दस दिन तक अगर ऐसे ही संख्या में बढ़त दर्ज की जाती रही तो संभव है कि अगले 25 सितंबर से कोरोना का पीक शुरू हो जाए। दूसरी ओर, जिले में मृत्युदर घटी है और संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर बढ़ी है यह बेहतर संकेत है। मगर, यह लोगों पर निर्भर है कि यह स्थिति और बेहतर बनाते हैं या नहीं।

निर्धारित सैंपल में 15 फीसदी से ज्यादा मिले संक्रमित.. तो पीक

माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट राहुल कुमार गोयल के मुताबिक बीते दिनों कोराना के हर दिन डेढ़ सौ से दो सौ संक्रमित मिले। 27 जुलाई से 15 अगस्त तक यही आंकड़ा दर्ज हुआ है। मगर इन आंकड़ों में स्थिरता नहीं रही। ऐसे में कोरोना पीक पर पहुंचा यह कहना मुश्किल है। क्योंकि एक निर्धारित सैंपल होने पर कम से कम 15 फीसद से ज्यादा संक्रमित अगर मिलें और उनकी संख्या 10 या 15 कम ज्यादा हो और यह आंकड़ा 20 दिन से ज्यादा स्थिर रहे तो ही उसे पीक माना जा सकता है। बीते दिनों संक्रमित मिले मगर पीक पर आने का ग्राफ नहीं बना।

हर्ड इम्युनिटी बनने से इनकार

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सोमेश मेहरोत्रा के मुताबिक हर्ड इम्युुनिटी बन चुकी है यह कहना जल्दबाजी होगा। उन्होंने कहा कि जब कोरोना पीक पर पहुंचता है तो कई दिन स्थिर रहता है। इसके बाद उसमें गिरावट दर्ज होती है। जिसके बाद ही हर्ड इम्युनिटी का अनुमान हो सकता है। मगर अभी आंकड़ों में स्थिरता नहीं रही इसलिए पीक पर पहुंचने और हर्ड इम्युनिटी बनने की उम्मीद नहीं है।
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