कम उम्र में लड़की का विवाह और गर्भवती होने का एक मामला बिथरीचैनपुर ब्लाक के भड़रिया गांव में सामने आया। पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत गोद लिए इस गांव में कुपोषित बच्चों का हाल जानने मंगलवार को यहां पहुंचे सीडीओ शिवसहाय अवस्थी के सामने जब यह गर्भवती आई तो वह भी चौंक गए। चार माह की गर्भवती इस लड़की की उम्र बमुश्किल 16 साल रही होगी, जो गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार के लिए पहुंची थी। सीडीओ ने उससे उम्र और जल्द शादी की वजह पूछी लेकिन वह कुछ नहीं बता सकी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका को गांव में कम उम्र में शादी और गर्भवती होने के दुष्परिणामों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कम उम्र की गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने को भी कहा। गांव में 43 महिलाएं गर्भवती पाई गईं। 21 बच्चे अतिकुपोषित थे। इन सबका सीडीओ ने अपने सामने वजन कराया लेकिन दो ही बच्चों में सुधार पाया गया। बाकी अतिकुपोषित 19 बच्चों को विशेष रूप से खानपान पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बच्चों के अभिभावकों ने पर्याप्त पोषाहार मिलने की बात कही। गर्भवती महिलाओं ने भी नियमित पोषाहार प्राप्त होने की बात बताई। सीडीओ ने कार्यकत्री और सहायिका को आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित साफसफाई कराने और रिकार्ड दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के वक्त जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि दुबे मिश्रा भी मौजूद रहीं।