बच्चों को हर वक्त रहता है डर
सात साल की मासूम ईशानी सागर ने कहा कि कॉलोनी में बहुत मवेशी आते हैं। गटर भी खुला है। इससे साइकिल चलाने में खतरा रहता है। छह साल के स्पर्श गंगवार ने बताया कि कॉलोनी में झाड़ियां अधिक हैं। इसमें सांप घूमते हैं। इससे डर बना रहता है। पार्कों में झूले, बेंच, रोशनी के इंतजाम नहीं हैं। वहां मवेशी चरते रहते हैं। इस वजह से हम वहां खेल भी नहीं पाते।
लेखराज बताते हैं कि उनके घर के सामने सीवर लाइन का होल दो साल से खुला है। शिकायत के बावजूद समस्या निस्तारित नहीं हुई। धर्मेंद्र सागर ने भी घर के सामने सीवर लाइन का होल खुला होने की बात कही। कॉलोनी में व्याप्त अनियमितताओं के संबंध में बीडीए उपाध्यक्ष का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कर कर दिया।
बाउंड्री न गार्ड, अंधेरे और झाड़ियों के बीच सताता है चोरों का खौफ
मैं यहां परिवार समेत 15 अप्रैल से निवास कर रहा हूं। यहां अधिकतर खंभों की स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं। कॉलोनी की न तो बाउंड्री है, न ही किसी सुरक्षा गार्ड की तैनाती। अंधेरे और झाड़ियों के बीच चोरों का खौफ बना रहता है।
- धर्मेंद्र सिंह
चोरों ने मेरा केबल चुरा लिया। बीडीए भी गए, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मार्ग पर झाड़ियां बहुत हैं। बीडीए जाकर बताया तो थोड़ी-बहुत झाड़ियां काटी गई हैं। यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बीडीए उपाध्यक्ष को लिखित शिकायत दे चुके हैं।
- धीरेंद्र कुमार
हमारी मांग है कि सेक्टर-तीन में पानी की टंकी और सीवर लाइन चालू कराई जाए। झाड़ियां साफ करवाकर पार्कों को विकसित किया जाए। रोशनी के इंतजाम हों और सुरक्षा दी जाए। बीडीए व्यवस्था दुरुस्त करने का केवल आश्वासन देता है।
- आरपी सिंह