दुकान सील करते कर्मचारी
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आरिफ ने 30-30 लाख रुपये बेचीं दुकानें
जगतपुर में तीन साल पहले आरिफ ने अवैध दो मंजिला मार्केट बनवाकर कई दुकानों को 30-30 लाख रुपये में बेचा। जो नहीं बिकीं, उनको किराये पर उठा दिया। उनसे भी वह आठ-नौ हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूलता था। बगैर नोटिस दिए अचानक की गई सीलिंग के बाद कई दुकानदारों ने बताया कि उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया गया। जबकि, उन्होंने दुकान आरिफ से खरीदी थी। कुछ ने कहा कि आरिफ को किराया देते हैं।
दुकानदार बोले- हमें नोटिस नहीं मिला
मोहम्मद आरिफ के पीलीभीत रोड स्थित व्यापारिक भवन के भूतल पर जाहिद हुसैन की फर्नीचर की दुकान है। यह भवन सात-आठ साल पहले बनाया गया था। मौके पर कोई मानचित्र या रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। न ही भवन मालिक मोहम्मद आरिफ पेश हुए। सीलिंग के वक्त अब्दुल हन्नान ने कहा- दिवाली का सीजन है, अब काम कैसे करेंगे। मामू जाहिद ने दुकान किराये पर ली थी। नोटिस तो नहीं आया। अगर आया होगा तो मकान मालिक के पास होगा। पहले पता होता तो वह सामान निकाल लेते।
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जगतपुर स्थित मार्केट की दुकान नंबर 10 पर काबिज राहिल खान ने कहा कि हमें सीलिंग के बारे में पहले कुछ नहीं बताया गया। 10 मिनट का समय देकर जरूरी सामान उठाने के लिए कहा गया। उन्होंने नौ हजार रुपये महीने किराये पर दुकान ली थी। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि उन्होंने 30 लाख में दुकान खरीदी है। ऐसा पता होता तो नहीं खरीदते। यह मार्केट करीब तीन साल पहले बनी थी, जिसे अब बीडीए ने अवैध करार दिया है।
अफरातफरी के बीच हुई कार्रवाई
मार्केट में विद्युत उपकरणों की दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर और कंसल्टेंसी आदि संचालित हो रहे थे। कुछ दुकानें बंद पड़ीं थीं। बीडीए की टीम पहुंची तो वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। एक दुकानदार ने सामान निकालने के लिए समय मांगा तो बीडीए के ओएसडी अजीत कुमार ने कहा कि अगर किसी को कुछ कहना है तो सोमवार को बीडीए कार्यालय आकर अपना पक्ष रखें।