एक ही नाम से चला रहा था दो अवैध बरातघर, दो करोड़ का कंपाउंडिंग शुल्क निर्धारित
बरेली। डोहरा रोड पर कई अवैध कॉलोनियां बसाने वाले महेंद्र प्रधान पर बीडीए की कार्रवाई जारी है। बुधवार को उसकी एक अवैध कॉलोनी में किए गए निर्माण पर जेसीबी चलाने के बाद शुक्रवार को अवैध रूप से बना उसका घर, मार्केट और एक दूसरा बरातघर भी सील कर दिया गया। बीडीए ने इन सारे अवैध निर्माण की एवज में दो करोड़ का कंपाउंडिंग शुल्क निर्धारित किया है।
डोहरा रोड पर ही बीडीए की बड़ी आवासीय परियोजना रामगंगा नगर है। माना जा रहा है कि इस रोड पर अवैध कॉलोनियों की भरमार होने की वजह से रामगंगा नगर परियोजना कई सालों बाद भी नहीं बस पाई। अब बीडीए डोहरा रोड और सौ फुटा रोड पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। पहला निशाना इस इलाके में गायत्रीनगर और महेंद्र नगर समेत कई अवैध कॉलोनियां बनाने वाले महेंद्र प्रधान को बनाया गया है। बुधवार को बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने खुद अपने सामने महेंद्र प्रधान की सुपर सिटी के पीछे 20 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में किए गए निर्माणों पर जेसीबी चलवा दी थी।
बुधवार को बीडीए ने महेंद्र प्रधान के डोहरा रोड पर बने घर, मार्केट और एक बरातघर को भी सील कर दिया। मेफेयर लॉन के नाम से चल रहे बरातघर को कुछ दिन पहले बीडीए ने ध्वस्त किया था लेकिन इसी नाम से एक और बरातघर चला रहे महेंद्र प्रधान ने उस समय भी बीडीए टीम को भ्रमित कर दिया था। एक बरातघर की कंपाउंडिंग कराकर उसने दूसरे बरातघर को साफ बचा लिया था लेकिन जांच में उसका एक दूसरा बरातघर मिलने के बाद शुक्रवार को उसे भी सील कर दिया गया। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि महेंद्र प्रधान पर दो करोड़ का कंपाउंडिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।
सौ फुटा रोड पर बना अवैध मार्केट भी सील
बीडीए की टीम ने शुक्रवार को सौ फुटा रोड पर बन रही चार दुकानें और एक हाल का निर्माण रुकवाकर उसे भी सील कर दिया। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि यह मार्केट उत्कर्ष गंगवार बनवा रहे हैं। इसे पहले कंपाउंडिंग का नोटिस दिया गया था। फिर भी कंपाउंडिंग न न कराने पर मार्केट को सील कर दिया गया है। इसके अलावा सौ फुटा रोड पर नवनीत सिंह, मनप्रीत सिंह और गुरप्रीत सिंह मकान का निर्माण बिना कंपाउंडिग करा रहे थे। इस निर्माण को भी सील किया गया है।