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फर्जी नक्शों पर बिल्डर के बड़े खेल का खुलासा

Sat, 06 Jun 2015 02:04 AM IST
बरेली
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 बरेली विकास प्राधिकरण और बिल्डरों के खेल में करोड़ों की बेशकीमती जमीन फर्जी नक्शे स्वीकृत कराकर बेचने का मामला सामने आया है। बिल्डर ने अपनी ही कालोनियों के स्वीकृत मानचित्र में फेरबदल कर पार्कों और सड़क के लिए बंधक बनायी गई जमीन पर भी प्लाटिंग कर दी। इतना ही नहीं, उस प्लाटिंग पर ग्राहकों को बैंकों से लोन दिलाकर आधा दर्जन से ज्यादा अवैध कालोनियां बसा दीं। इसमें सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया गया। मानचित्र स्वीकृत कराने में फर्जीवाड़े का दोषी ठहराए जाने के बाद भी बीडीए पर एफआईआर की फाइल बीडीए में लंबे समय तक दबी रही। अब डिप्टी सेक्रेटरी की ओर से बिना पद नाम लिखे बिल्डर के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि तहरीर पर पदनाम न होने से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।  
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बीडीए उपाध्यक्ष को पिछले करीब डेढ़ साल से शंकर सहकारी आवास समिति समेत अन्य लोगों की ओर से मेसर्स सृजन टाउनशिप डेवलपर्स प्रा. लि. के डायरेक्टर सचिन कुमार सिंह और मेसर्स आशुतोष बिल्डर के डायरेक्टर जगमोहन सिंह द्वारा स्वीकृत नक्शों के विपरीत पार्कों और सड़क के लिए बंधक बनाई गई जमीन पर प्लाटिंग कर मकान बनवाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसमें बताया गया कि किसान केसरी पुत्र पोपी की पावर ऑफ अटार्नी से खसरा नंबर 551 और 559 बिहारमान नगला में जमीन का मानचित्र मार्च 2007 को बीडीए से स्वीकृत कराया गया। आरोप है कि बिल्डर ने इस कालोनी के असली नक्शों में फेरबदल करने के अलावा बीडीए से प्लाटों और पार्कों के लिए बंधक की गई जमीन पर भी प्लाटिंग कर दी। इस प्लाटिंग पर मकान बनवाने के बाद बैंक लोन दिलाकर उन्हें ग्राहकों को बेच दिया गया। बताया जाता है कि आशुतोष नगर, शिव शक्ति स्टेट, सृजन स्टेट, सृजन स्टेट फेज एक, दो तीन, चार, पांच में भी स्वीकृत नक्शे में फेरबदल किए गए हैं। मंडलायुक्त के आदेश पर हुई जांच के बाद बीडीए की ओर से दोनों बिल्डरों पर धोखाधड़ी से मानचित्र स्वीकृत कराकर अवैध प्लाटिंग कराने में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। थानाध्यक्ष कमल सिंह यादव ने बताया कि तहरीर में केवल हस्ताक्षर थे। पद और नाम स्पष्ट नहीं लिखा था। इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

‘हमारी फर्म केवल निर्माण करती है, प्लाटिंग नहीं। नक्शे से लेकर प्लाटिंग का काम किसान ने किया। मैं अपने पूरे डाक्यूमेंट्स के साथ अपनी बात रखूंगा।’ सचिन कुमार सिंह, बिल्डर
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‘फर्जी मानचित्र स्वीकृत कराकर अवैध कालोनियां बसाने का मामला गंभीर है। कालोनियों में बनने वाले मकानों के मानचित्रों की गहनता से जांच होगी। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ डा. शशांक विक्रम सिंह, उपाध्यक्ष बीडीए
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