मौके पर तैनात रही फोर्स
मंगलवार को एक बार फिर से पुलिस बल, पीएसी की एक कंपनी, सीओ सिटी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बीडीए की टीम बुलडोजर के साथ मौलानगर पहुंची और गोशाला पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। जैसे ही बुलडोजर ने निर्माण को तोड़ना शुरू किया, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। इस दौरान बीडीए के अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच नोकझोंक हुई।
पुलिस ने विरोध करने वालों को हटाया
हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को तुरंत संभाल लिया और विरोध कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर पीछे हटाया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में बनी रही। सुरक्षा घेरे के बीच ध्वस्तीकरण का कार्य बिना किसी बड़ी रुकावट के जारी रहा। बीडीए के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह पूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई न्यायालय तथा प्राधिकरण के वैध आदेशों के पूर्ण अनुरूप की गई है ताकि सार्वजनिक पार्क की जमीन को मुक्त कराया जा सके।
क्या था पूरा विवाद
मौलानगर का यह विवाद स्थानीय निवासियों के उस हक से जुड़ा था जो उनके मनोरंजन के लिए तय था। स्थानीय लोगों का तर्क था कि लगभग 500 वर्गगज के बड़े पार्क पर गौशाला के निर्माण से बच्चों का बचपन और बुजुर्गों का टहलना प्रभावित हो रहा था। पार्क जैसी सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ बीडीए की इस सख्त कार्रवाई को क्षेत्र में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसे लेकर मौके पर काफी देर तक तनाव और प्रशासनिक अमले के साथ तीखी बहस का माहौल भी बना रहा।