बरेली। मंडलायुक्त सभागार में शुक्रवार को कमिश्नर आर. रमेश कुमार की अध्यक्षता में बीडीए बोर्ड की बैठक हुई। इसमें नेशनल हाईवे की ग्रीन बेल्ट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की गई। अभी तक नेशनल हाईवे किनारे सौ मीटर की ग्रीन बेल्ट होती थी, लेकिन अब उसे घटाकर बीडीए ने 30 मीटर कर दिया। इसका सभी सदस्यों ने स्वागत किया। इस आदेश से हाईवे किनारे जमीन पर निर्माण कार्य करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
बीडीए की बैठक में शुक्रवार को महायोजना-2031 का ड्राफ्ट रखा गया। इसमें बीडीए की सीमा का विस्तार नहीं किया गया है, बल्कि अभी बीडीए की सीमा क्षेत्र में जो जमीन है, उसी का विकास किया जाएगा। बीडीए के अफसरों ने कमिश्नर के सामने इसका प्रस्तुतीकरण किया। बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल ने बताया कि हाईवे किनारे अब ग्रीन बेल्ट की जमीन को सौ मीटर से घटकर तीस मीटर कर दिया गया है। इसका लाभ हजारों परिवारों को होगा।
नये औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्टनगर बनेंगे
इसके अलावा निर्मित क्षेत्र में 15 मीटर की गहराई तक बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग और निर्मित क्षेत्र के बाहर 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर भी यथा संभव बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग तैयार करने का प्रस्ताव किया गया। महायोजना- 2031 के ड्राफ्ट में नये औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्टनगर प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा बीसलपुर मार्ग से नकटिया तक सड़क बनाने का भी सुझाव दिया गया है। बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि रामगंगानगर आवासीय योजना के अंतर्गत छोटे दुकानदारों के लिए भी व्यावसायिक स्थल विकसित किए जाए, क्योंकि भविष्य में वहां आबादी होगी तो फल, सब्जी आदि बेचने वालों की जरूरत होगी।
जनता से भी लिए जाएंगे सुझाव
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि अभी महायोजना का सिर्फ ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसे शासन को भेजने से पहले जनता से एक महीने तक आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। आने वाली आपत्ति, सुझावों का परीक्षण कर बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से पास होने के बाद ये प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। बोर्ड बैठक में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, सतीश कातिब आदि मौजूद रहे।