हाजी नाजिम बेग ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के अपने चुने हुए धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बढ़ती विभाजनकारी चुनौती से निपटने के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
मौलाना सूफी मूजाहिद हुसैन कादरी ने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी को खारिज किया जाना चाहिए। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की जानी चाहिए। गोष्ठी में मुख्य रूप से मौलाना हसनैन रजा, कारी मुस्तकीम अहमद, रोमान अंसारी, हाफिज रजी अहमद, ज़ोहेब अंसारी, मौलाना अबसार हबीबी, सय्यद शाबान अली, अब्दुल हसीब खां, रशीद खां, सलीम खां आड़ती, आरीफ रजा, फैसल एडवोकेट आदि लोग उपस्थित रहे।