दो महीने पहले इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू अमल होने लगा है। इस समिट में उद्यमियों ने बरेली के लिए 38 प्रोजेक्ट पर समझौते किए थे। इनमें से दो महीनों में ही 10 प्रोजेक्ट फाइनल हो गए हैं। इनमें 463.41 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं के आने से बरेली जनपद इंडस्ट्रियल हब बनने की दौड़ में शामिल हो गया है।
प्रदेश सरकार ने सूबे में औद्योगिक वातावरण तैयार करने के लिए लखनऊ में बड़े स्तर पर 21-22 फरवरी को इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की थी। इसमें बरेली मंडल समेत सूबे के सभी जिलों से निवेशकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया था। समिट में 66 उद्यमियों ने 2734.15 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए थे। बरेली जिले से 1770.74 करोड़ रुपये के 38 एमओयू हुए। इनमें दस प्रोजेक्ट लगभग फाइनल हो गए हैं। अन्य जिलों में अभी जमीन आदि के मामले भी तय नहीं हो पा रहे हैं।
आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी
जिस तरह निवेशकों ने रुचि दिखाई है, उससे साफ है कि बरेली इंडस्ट्रियल हब बनने की दौड़ में है। निवेशक और उद्योग विभाग का मानना है कि इससे रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियां बढे़ंगी। उपायुक्त अनुज कुमार का कहना है कि कुछ निवेशक दो माह में ही अपने प्रोजेक्ट शुरू करने की करने की स्थिति में आ गए हैं। बाकी भी अपने प्रोजेक्ट फाइनल कराने की कोशिश कर रहे हैं। एक और रिफाइनरी भी आ रही है। इसके लिए भू उपयोग बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
फाइनल प्रोजेक्ट लागत
टेक्सटाइल पार्क 125
पैकेजिंग क्राफ्ट 48
नंदी रिफाइनरी 27
बीएल एग्रो 131
करतार प्रिंटर 20
अंबे वुड 25
एनपी एग्रो 35
मंडी कोल्ड स्टोर 4.77
स्टोन क्रेशर 8.64
राज प्लाईवुड 25
केनवुड प्लाई 4
(नोट : धनराशि करोड़ रुपये में)