Bareilly to Rampur litter will power
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
नगर निगम के समक्ष दिल्ली की हरी भरी रिसाइकेबिल फर्म ने शहर में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के ज्वलनशील हिस्से से रामपुर में बिजली बनाने का प्रस्ताव रखा है। फर्म का प्लांट रामपुर में लगने जा रहा है जो कूड़े से प्रतिदिन आठ मेगावाट बिजली बनाएगा। कंपनी को रामपुर के अलावा मुरादाबाद, बरेली समेत आस-पास के शहरों के कूड़े की जरूरत है। फर्म दो साल से बंद पड़े सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चालू कराने समेत कानूनी अड़चनों से निपटने के अलावा डोर टू डोर कूड़ा योजना भी अपने हाथ में लेकर स्मार्ट तरीके से संचालित करने का दावा कर रही है। दस सदस्यीय पार्षदों का दल फर्म के कामों का आकलन करने जल्द ही इलाहाबाद जाएगा।
मेयर डा. आईएस तोमर और नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव के अलावा पार्षदों की उपस्थिति में फर्म के एमडी अमित पारसनाथ कुमार सीईओ सुजैत झा ने बताया कि रजऊ परसपुर में वह दो साल से बंद पड़े सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को कानूनी अड़चनें दूर कर चलाएंगे। इसमें पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्लांट में रिसाइकिल के बाद कूड़े में निकलने वाला एक तिहाई ज्वलनशील हिस्से से बिजली बनेगी। बाकी कूड़े से खाद बनेगी। उसे किसानों को बेचा जाएगा। फर्म आगरा, मुरादाबाद, मालदा, बंगलौर, रामपुर और इलाहाबाद में कूड़ा उठाने से लेकर निस्तारण पर काम करने की उत्सुक है। एमडी अमित कुमार का कहना था कि अब तक जो फर्मेँ कूड़ा निस्तारण के काम कर रही थीं, उनके तमाम अन्य बिजनेस थे। रुचि न लेने से वह इसमें सफल नहीं हो पाए। उनका काम कूड़ा उठाने से लेकर निस्तारण कराकर शहर को स्मार्ट बनाने के लिए काम करना है।
डोर टू डोर कूड़ा भी उठाएंगे
दिल्ली की फर्म शहर से डोर टू डोर कूड़ा भी उठाने को तैयार है। फर्म का प्रस्ताव है कि अलग-अलग वार्डों में चलने वाली डोर टू डोर कूड़ा के ठेकेदार रिक्शे कम रखने के बाद पेमेंट लेकर ठोस परिणाम नहीं दे पा रहे है। अगर उनको ये काम मिलता है तो प्रत्येक घर में एनएफसी (नियर फील्ड कम्यूनिकेशन डिवाइस) लगाएंगे। उसका डाटा आधार कार्ड से लिंक करेंगे। रिक्शा ले जाने वाले कर्मचारी के पास एनएफसी रीडर होगा। वह कूड़ा उठाने का ऑनलाइन सबूत रखेगा। किसी भी तरह की शिकायत सुनने के लिए शहर में 24 घंटे का काल सेंटर खोला जाएगा। पूरी व्यवस्था पर मौजूदा बजट का तिहाई ही खर्च होगा।
अभी फर्म ने प्रस्ताव रखा है। नगर आयुक्त की ही फर्म से बातचीत चल रही है। अगर उपयुक्त लगा तो प्रस्ताव पर विचार कर आगे बढ़ाएंगे। डा. आईएस तोमर, मेयर