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बिना नैक मूल्यांकन  नहीं मिलेगी ग्रांट

Fri, 11 Nov 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Neck without evaluation Grant will not - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित नैक मूल्यांकन कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि आए राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. आरपीएस यादव ने नैक मूल्यांकन के फायदे गिनाएं। कहा कि महाविद्यालयों को शासन और यूजीसी से 28 प्रकार की ग्रांट मिलती है, लेकिन नैक मूूल्यांकन न कराने से महाविद्यालयों को इस ग्रांट से वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए कॉलेज प्राथमिकता से नैक मूल्यांकन कराएं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. आरपी सिंह को बतौर मुख्य अतिथि आना था पर वह नहीं आ सके।
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कार्यशाला में बरेली मुरादाबाद मंडल के विभिन्न कॉलेजों के 250 प्राचार्य, नैक कोआर्डिनेटर, आईक्यूएसी कोआर्डिनेटर ने हिस्सा लिया। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. आरपी यादव ने कहा कि नैक मूल्यांकन प्रत्येक कॉलेज को अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नैक मूल्यांकन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के उपाए बताए। उन्होंने राजकीय, अनुदानित के साथ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को भी अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराने को कहा। अक्सर कॉलेज नैक मूल्यांकन से बचते हैं, जबकि मूल्यांकन कराने से कॉलेजों को ही इसका सीधा फायदा मिलता है। कीनोट स्पीकर डॉ. एके सक्सेना ने नैक मैथोडोलॉजी पर प्रकाश डाला। कहा कि नैक संबद्धता प्राप्त होने के बाद कॉलेजों को आवश्यक रूप से अपनी एक्यूएआर को जमा करना चाहिए। राजकीय डिग्री कॉलेज मेरठ के प्रोफेसर डॉ. अश्वनी गोयल और रजा कॉलेज रामपुर के डॉ. अरुण सक्सेना ने नैक मूल्यांकन में ध्यान रखने वाली बातों पर प्रकाश डाला। महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन सभी कॉलेज कराएं। कॉलेज आईक्यूएसी कोआर्डिनेटर डॉ. कमल किशोर मेहरोत्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. नीतू मेहरोत्रा ने किया। डॉ. विपुल मेहरोत्रा, डॉ. सौरभ अग्रवाल, उदित कुमार मिश्रा, शोभित अग्रवाल, अंकुर गुप्ता, भावना मिश्रा, मयंक शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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