बरेली। सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। चौड़ीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जमीन मिल गई है। हाईवे का काम दो साल में पूरा होना है। जमीन के पेंच को लेकर लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था।
बरेली से सितारगंज तक करीब 71 किलोमीटर हाईवे अभी टू लेन (10 मीटर चौड़ा) है। इसे चौड़ाकर फोरलेन किया जाएगा। इसमें दोनों तरफ 9-9 मीटर की सड़क होगी। बीच में करीब पांच मीटर जगह छोड़ी जाएगी। इसके अलावा हाईवे किनारे दोनों तरफ करीब डेढ़-डेढ़ मीटर सड़क छोड़ी जाएगी। इस तरह हाईवे करीब 26 मीटर चौड़ा हो जाएगा। हाईवे चौड़ीकरण का काम दो चरणों में होना है। इसमें पहले चरण में बरेली और पीलीभीत में 32.5 किलोमीटर जमीन चाहिए थी। बरेली में 27 .5 किलोमीटर जमीन में से 20 किलोमीटर मिल चुकी है, जबकि पीलीभीत में पांच में से तीन किलोमीटर जमीन अधिग्रहित किए जाने का दावा किया जा रहा है। जमीन के अधिग्रहण को लेकर पिछले छह महीने से कवायद चल रही थी। बावजूद इसके करीब नौ किलोमीटर जमीन अभी नहीं मिल सकी है। अधिकारियों का दावा है कि जमीन के संबंध में ग्रामीणों से बातचीत हो चुकी है।
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण का काम दो चरणों में होना है। प्रथम चरण का काम शुरू करने के साथ ही अधिकारियों को दूसरे चरण के लिए जमीन के अधिग्रहण की चिंता सता रही है। दूसरे चरण में पीलीभीत व रुद्रपुर में मिलाकर 38.5 किलोमीटर जमीन का अधिग्रहण करना है। इसमें से अभी तक कुछ नहीं हो सका है। इसको लेकर एनएचएआई के पीडी बीपी पाठक तीन दिन पहले दोनों जगहों के डीएम से जाकर मिले थे। बताया था कि पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द जमीन अधिग्रहित करके दे दें जिससे कि हाईवे चौड़ीकरण के काम में बाधा न आए।
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। दो चरणों में काम होगा। दूसरे चरण के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। पीलीभीत व रुद्रपुर जाकर अधिकारियों से जमीन अधिग्रहित कर देने को कहा है। बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के काम के लिए टेंडर पहले ही हो गए। कार्यदायी संस्था भी तय हो गई। जमीन का अधिग्रहण न हो पाने के कारण विलंब हो रहा था।
- बीपी पाठक, पीडी, एनएचएआई