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बरेली-सीतापुर फोरलेन हाईवेः मई में काम शुरू न हुआ तो फिर महीनों लटक जाएगा प्रोजेक्ट

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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अक्तूबर में 700 करोड़ का टेंडर होने के बाद पहले ठंड और अब लॉकडाउन से फंसा काम
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हॉटमिक्स प्लांट से काम शुरू कराने के लिए 15 जून तक का समय है सबसे ज्यादा माकूल

बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर के हिस्से में टूटते-दरकते फोरलेन का काम अगर मई में शुरू न हो सका तो आगे बरसात की वजह से यह प्रोजेक्ट फिर महीनों के लिए लटक जाएगा। एनएचएआई अफसर इसे लेकर परेशान है कि लंबी मशक्कत के बाद इस प्रोजेक्ट को अक्तूबर-2019 में मंजूरी मिल चुकी है लेेकिन पहले सर्दी और अब लॉकडाउन की वजह से काम नहीं शुरू हो पा रहा है, हालांकि अफसर अब लेबर का इंतजाम कर काम जल्द शुरू कराने की कोशिश में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल-जून हॉटमिक्स के काम के लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय है।
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करीब चार साल पहले इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के काम अधूरा छोड़कर भाग जाने के बाद से बरेली-सीतापुर हाईवे का निर्माण ठप है। इससे इस महत्वपूर्ण हाईवे के लगातार टूटने और दरकने से खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी के पास बाईपास रोड और फ्लाईओवर की हालत तो बेहद खराब है। इससे यहां आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। एनएचएआई ने नवंबर में आगरा की एक कंपनी को करीब सात अरब का ठेका दे दिया था, लेकिन हाईवे का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बरेली से सीतापुर के बीच चार हॉटमिक्स प्लांट भी लगाए जाने हैं लेकिन इनका संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर और जनवरी में ठंड की वजह से कोलतार का काम नहीं हो पाया। बाद में रोजा और फरीदपुर में हॉटमिक्स प्लांट लगाने में देरी हुई। अब लॉकडाउन की वजह से काम ठप है। अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन से मई में काम शुरू न हुआ तो 15 जून से मानसून सीजन शुरू हो जाता है, तब हॉटमिक्स प्लांट के काम बंद हो जाएंगे। अफसर इस आशंका को लेकर ही परेशान हैं और जल्द से जल्द काम शुरू कराने की कोशिश में जुटे हैं।

मई में काम शुरू कराने की पूरी तैयारी है। यह मौसम हॉटमिक्स और अन्य निर्माण कार्यों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है लेकिन लॉकडाउन की वजह से लेबर जुटाने में दिक्कत आ रही है, इससे काम शुरू नहीं हो पा रहा है। - अब्दुल बाशित, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई

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