जरूरी मानी जाने वाली 75 फीसदी उपस्थिति में इसे जोड़ा जाएगा
बरेली। सीबीएसई स्कूलों में चल रही ऑनलाइन कक्षाओं में स्टूडेंट्स के शामिल होने को उनकी उपस्थिति माना जाएगा। हालांकि, जो छात्र ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड नहीं कर पाए, उनकी उपस्थिति को शार्ट नहीं माना जाएगा मगर अभिभावकों को ये बताना पड़ेगा कि बच्चे ऑनलाइन कक्षा में क्यों भाग नहीं ले पाए।
सीबीएसई कोआर्डिनेटर वीके मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन के बाद भी स्कूल नहीं खुले तो ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी लगती रहेगी। पढ़ाई रोकी नहीं जा सकती है, ऐसे में उपस्थिति लगाने की बात की गई है। ऑनलाइन हाजिरी को ही छात्र की उपस्थिति माना जाएगा। लॉक डाउन खुलने के बाद सीबीएसई मूल्यांकन प्रारंभ करेगा। अगर किसी क्षेत्र में लंबे समय तक लॉकडाउन रहा और रेड जोन हुआ तो वहां शिक्षकों के घर कॉपी भेजकर मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा। साथ ही सीबीएसई सिलेबस छोटा करने पर भी काम कर रही है। आगे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही तरह से पढ़ाई मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल 11वीं, 12वीं की पढ़ाई भी शुरू कर दें। मई के अंत तक सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की डेट बोर्ड जारी कर देगा। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने की स्थिति में निर्देश हैं कि साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाए। पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। कमरों में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो। एक बेंच पर केवल एक ही छात्र बैठाया जाए। छात्रों के बैठने वाली कुर्सियां चारों ओर से कवर हों। स्कूल में हेल्थ चेकअप कैंप में नियमितता लाई जाए। छात्रों को हाथ धोने, हाथों को साफ करने मास्क पहनने की जानकारी भी दी जाती रहे।