उत्तराखंड व राजस्थान यात्रा अब आसान होगी। बरेली परिक्षेत्र को जल्द ही 37 एसी बसें मिलने वाली हैं। इसकी कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं जून माह के आखिरी सप्ताह तक यह बसें परिक्षेत्र को मिलने की उम्मीद हैं। आंकड़ों के मुताबिक दोनों प्रदेशों के पांच हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन रोडवेज बसों से आवागमन करते हैं। हालांकि साधारण 37 बसों का स्लॉट बरेली परिक्षेत्र को मिल चुका है, जो दो से तीन दिन पहले आ चुकी हैं।
उत्तराखंड व राजस्थान के रूट पर अभी साधारण बसें ही हैं। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो राजस्थान रूट पर प्रतिदिन दो हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है, तो वहीं उत्तराखंड से तीन हजार से अधिक यात्रियों का आना जाना लगा रहता है। इन रूटों पर रुहेलखंड डिपो की बसों का संचालन होता है, जहां अभी तक एक भी एसी बस नहीं है।
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रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक इस माह रोडवेज को 37 नई एसी बसें भी मिलनी थी, जिसकी कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बसों की डिमांड का प्रस्ताव भी भेज दिया है। अप्रैल में मिलने वाली साधारण बसों का स्लॉट मई में मिल गया है। अधिकारियों की माने तो जून तक एसी बसों का स्लॉट भी मिलने की उम्मीद है।
इन रूटों पर एसी बसों की जरूरत
जयपुर, अजमेर और खाटू श्याम और उत्तरखंड की ओर देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी की बसों का संचालन भी पुराने रोडवेज से किया जा रहा है। इन रूटों पर अभी तक एक भी एसी बस नहीं है, नतीजा अधिकतर सवारी निजी बसों में यात्रा कर रहे है। राजस्व को भी हानि हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक पीलीभीत, रुहेलखंड और बरेली डिपो की ओर से इन रूटों पर एसी बसों का चलाया जाएगा।
आरएम दीपक चौधरी ने बताया कि जल्द ही एसी बसों का स्लॉट भी मिलेगा, इसकी कार्रवाई पूरी कर ली गई हैं। 37 नई साधारण बसें मिल चुकी है। उनका संचालन भी किया जा रहा है। उत्तराखंड और राजस्थान रूट पर एसी बसों का चलाने का प्रस्ताव काफी समय से हैं, अब बसें मिलने पर इन रूटों पर भी बसों को लगाया जाएगा।